Daily Horoscope
✕

क्‍या होता है Waqf, क्‍यों ये बिल ला रही मोदी सरकार, क्‍यों मुस्‍लिम कर रहे विरोध, जानिए Waqf Bill की पूरी कहानी?

Updated: बुधवार, 2 अप्रैल 2025 (12:54 IST)
मोदी सरकार ने आज लोकसभा में वक्‍फ बोर्ड (संशोधित) पेश कर दिया है। अब इस पर बहस हो रही है। अगर लोकसभा में यह बिल पास हो जाता है तो इसे राज्‍यसभा भेजा जाएगा। हालांकि मुस्‍लिम इस बिल को लेकर विरोध कर रहे हैं। जानते हैं क्‍या है वक्‍फ बिल, क्‍या है इसका मतलब, कहां से आया शब्‍द और मुस्‍लिम क्‍यों इस बिल का विरोध कर रहे हैं। वहीं समझते हैं कि आखिर क्‍यों सरकार ये बिल ला रही है और किसे इससे फायदा या नुकसान होगा।

राज्य सरकारों की शक्‍तियां बढ जाएगीं : बता दें कि अगर यह विधेयक संसद से पास हो गया तो यह कानून बन जाएगा। नए बिल के कानून बन जाने के बाद वक्फ की संपत्ति का विवाद सुलझाने में अब राज्य सरकारों को पहले से अधिक शक्तियां हासिल होंगी। हालांकि प्रस्तावित कानून का असर पुरानी मस्जिदों, दरगाहों या मुसलमानों के धार्मिक संस्थानों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन बिल में किए गए परिवर्तनों में वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। वक्फ बोर्ड के पदेन सदस्यों के अलावे अब बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति भी अनिवार्य होगी।

क्‍या है नए वक्फ बिल में : मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने सहयोगी दलों की मांग को स्वीकार करते हुए नए बिल में कई परिवर्तन किए हैं, जैसे 5 साल तक इस्लाम धर्म का पालन करने वाला ही वक्फ को अपनी संपत्ति दान कर सकेगा। दान की जाने वाली संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद होने पर उसकी जांच के बाद ही अंतिम फैसला होगा। इसके साथ ही पुराने कानून की धारा 11 में संशोधन को भी स्वीकार कर लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि वक्फ बोर्ड के पदेन सदस्य चाहे वह मुस्लिम हों या गैर मुस्लिम, उसे गैर मुस्लिम सदस्यों की गिनती में शामिल नहीं किया जाएगा। इसका अर्थ यह कि वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की संख्या बढ़ सकती है।

वक्फ का मतलब क्या है : बता दें कि 'वक्फ' अरबी भाषा के 'वकुफा' शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है, ठहरना या रोकना। कानूनी शब्दों में समझने की कोशिश करें तो वक्फ उसे कहते हैं, ‘इस्लाम में कोई व्यक्ति जब धार्मिक वजहों से या ईश्वर के नाम पर अपनी प्रॉपर्टी दान करता है तो इसे प्रॉपर्टी को वक्फ कर देना यानी रोक देना कहते हैं। फिर वो चाहे कुछ रुपये हों प्रॉपर्टी हो, बहुमूल्य धातु हो या घर मकान या जमीन। दान की गई इस प्रॉपर्टी को ‘अल्लाह की संपत्ति’ कहा जाता है और अपनी प्रॉपर्टी वक्फ को देने वाला इंसान ‘वकिफा’ कहलाता है।

क्‍या ये संपत्‍ति बेच सकते हैं : बता दें कि वकिफा द्वारा दान की गई या वक्फ की गई इन संपत्तियों को बेचा नहीं जा सकता, इसका उपयोग धर्म के अलावा किसी और मकसद के लिए नहीं किया जा सकता। कहा जाता है कि मुस्लिम धर्मगुरु पैगंबर मोहम्मद के समय 600 खजूर के पेड़ों का एक बाग सबसे पहले वक्फ किया गया था और इससे होने वाली कमाई से मदीना के गरीबों की मदद की जाती थी।

कब बना था वक्फ एक्ट : भारत में वक्‍फ का इतिहास काफी पुराना है। इसका इतिहास 12वीं सदी में दिल्ली सल्तनत के समय से जुड़ा है और भारत में आजादी के बाद 1954 में पहली बार वक्फ एक्ट बना था और फिर साल 1995 में इस एक्ट में कुछ संशोधन किए गए थे। फिर नया वक्फ एक्ट बना और इसमें साल 2013 में भी कई बदलाव किए गए।

2024 में लोकसभा में वक्फ एक्ट में संशोधन : साल 2013 के बाद 8 अगस्त 2024 को लोकसभा में वक्फ एक्ट में संशोधन कर नया वक्फ बिल पेश किया गया, जिसके खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए। विरोध के बाद बिल का ड्राफ्ट तैयार किया गया और इसे संसद की जेपीसी को भेज दिया गया, जिस पर चर्चा हुई और 27 जनवरी 2025 को जेपीसी ने बिल के ड्राफ्ट को मंजूरी देकर सुझाए गए 14 संशोधनों को स्वीकार किया। इसके बाद 13 फरवरी 2025 को जेपीसी की रिपोर्ट संसद में पेश की गई। 19 फरवरी 2025 को  कैबिनेट की बैठक में वक्फ के संशोधित बिल को मंजूरी मिल गई और अब आज यानी 2 फरवरी को यह बिल संसद में पेश होगा, जिसपर 8 घंटे की बहस होगी और फिर इस पर वोटिंग होगी।

120 याचिकाएं जिसमें बताई गईं थीं बिल में खामियां : 2022 से अब तक देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में वक्फ एक्ट से जुड़ी करीब 120 याचिकाएं दायर की गईं थीं जिसमें मौजूदा वक्फ कानून में कई खामियां बताई गईं। इनमें से करीब 15 याचिकाएं मुस्लिमों की तरफ से हैं, जिसमें सबसे बड़ा तर्क यह था कि एक्ट के सेक्शन 40 के मुताबिक, वक्फ किसी भी प्रॉपर्टी को अपनी प्रॉपर्टी घोषित कर सकता है। इसके खिलाफ कोई शिकायत भी वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल में ही की जा सकती है और इस पर अंतिम फैसला ट्रिब्यूनल का ही होता है। आम लोगों के लिए वक्फ जैसी ताकतवर संस्था के फैसले के कोर्ट में चैलेंज करना आसान नहीं है।

क्‍या है सरकार का तर्क : बिल पर केंद्र सरकार का कहना है कि 2006 की जस्टिस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर ही एक्ट में बदलाव किए जा रहे हैं। 8 अगस्त को लोकसभा में बिल पेश करते हुए संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था— इस बिल का मकसद धार्मिक संस्थाओं के कामकाज में हस्तक्षेप करना नहीं है। बिल मुस्लिम महिलाओं और पिछड़े मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में हिस्सेदारी देने के लिए लाया गया है। इसमें वक्फ प्रॉपर्टीज के विवाद 6 महीने के भीतर निपटाने का प्रावधान है। इनसे वक्फ में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का हल निकलेगा।

क्‍या है याचिकाओं की 5 बड़ी मांगें? Edited By: Navin Rangiyal 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

Maruti Suzuki : मारुति की कार खरीदने का मौका, इन मॉडल्स पर मिल रहा ₹1.36 लाख तक का फायदा, जानिए किस कार पर कितनी बचत

RBI Repo Rate Decision : क्या महंगी होगी आपके घर और कार की EMI? जानिए आरबीआई के फैसले का आप पर असर

Electric Scooter : इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी बीच रास्ते खत्म होने का डर कितना सही? जानिए रेंज एंग्जायटी से कैसे बचें

SIR पर जमकर तकरार, राहुल गांधी और प्रियंका पर क्यों हुई FIR, जानें क्या है पूरा मामला

चीन का खतरनाक दांव! नए सिल्क रूट से तालिबान से सीधे जुड़ा चीन; क्या वाखान कॉरिडोर से भारत को घेरने की तैयारी है?

सभी देखें

LIVE: नाना पाटेकर का निधन, दिल्ली में आज भी CEC के खिलाफ प्रदर्शन

नाना पाटेकर के निधन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक, कहा- भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति

'तिरंगे के लिए समर्पित था जीवन': नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- वे परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े

असल जिंदगी में भी हीरो थे नाना पाटेकर: कारगिल युद्ध में सैनिकों के साथ बिताए थे 60 दिन, घट गया था 20 किलो वजन

Top News 8 October: नाना पाटेकर का निधन, जीएसटी काउंसिल की बैठक, कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन

अगला लेख