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पर्यावरण के लिए क्‍यों घातक जंगलों की आग?

रविवार,अप्रैल 11, 2021
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इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन पुरस्कार, नॉर्बर्ट गेर्बियर-मम अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार और प्रोफेसर डॉ. विल्हो वैसाला पुरस्कार जैसे विशिष्ट सम्मान भी प्रदान किए जाते हैं। इसी दिन विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की स्थापना हुई थी।
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प्रत्येक व्यक्ति का जन्म किसी न किसी राशि के नक्षत्र में ही होता है। शास्त्रों ने जन्म नक्षत्र के अनुसार ही पौधा रोपण करने के बारे में उल्लेख मिलता है।
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जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा आयोजित पर्यावरण संवाद सप्ताह में पर्यावरणविद अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि आज पर्यावरण पूरी दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। अब तक इंसान द्वारा बिगाड़े गए संतुलन के चलते ही इस साल विश्व ...
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विश्व पर्यावरण दिवस 2020 पर जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा ऑनलाइन आयोजित पर्यावरण संवाद सप्ताह के पांचवे दिन वनस्पति विशेषज्ञ जयश्री सिक्का और जैव विवधता संरक्षक देव वासुदेवन ने अपने विचार रखे।
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भारत दुनिया के व्यापक जैवविविधताओं वाले देशों में शामिल है। यहां पहाड़ भी हैं और प्राकृतिक जंगल भी और बहुतेरे अनोखे जीव-जंतु। लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण हिमालय के इलाके में भी देश की जैवविविधता खतरे में हैं।
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प्राचीनकाल से ही लोग अपने आंगन में ऐसे पेड़ पौधे लगाते थे जो उनकी सेहत की रक्षा करते थे। आधुनिकरण के चलते अब ऐसे कई पेड़ पौधे और वृक्ष गायब हो गए हैं। आओ जानते हैं उन्हीं में से 11 के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
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दुख होता है अपने मालवा को देखककर और क्रोध भी आता है, लेकिन हम सभी सत्ता और शक्ति के आगे विवश हैं। अब कोई चिपको आंदोलन नहीं करता, कोई पहाड़ों के कटने के शोर को नहीं सुनता और नदियों के हत्यारों पर अब कोई अंगुली नहीं उठाता। खैर...एक दिन मालव का मानव की ...
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हिन्दुत्व वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। प्रत्येक हिन्दू परम्परा के पीछे कोई न कोई वैज्ञानिक रहस्य छिपा हुआ है। हिन्दू धर्म के संबंध में एक बात दुनिया मानती है कि हिन्दू दर्शन 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत पर आधारित है। यह विशेषता किसी अन्य धर्म में नहीं ...
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पूरे विश्व में 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी, जो प्रकृति को समर्पित दुनियाभर में सबसे बड़ा उत्सव है।
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पृथ्वी व प्रकृति का घेरा या आवरण पर्यावरण कहलाता है। जो वायु, जल, भूमि, गगन, सूर्य का प्रकाश एवं समस्त प्राणियों (मनुष्य सहित) से मिलकर बनता है। इस पर्यावरण को समस्त जीव प्रभावित भी करते हैं
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हिन्दू धर्म के अनुसार हमारा ब्रह्मांड, धरती, जीव, जंतु, प्राणी और मनुष्य सभी का निर्माण आठ तत्वों से हुआ है। इन आठ तत्वों में से पांच तत्व को हम सभी जानते हैं। आओ जानते हैं पांच तत्व क्या है।
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पर्यावरण संरक्षण महज ड्राफ्टिंग, गोष्ठियों और पैकेजों के रुप में आर्थिक गबन का पर्याय बनते जा रहा है।
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जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा पर्यावरण संवाद सप्ताह के चौथे दिन पर्यावरणविद ओपी जोशी व अम्बरीश केला ने अपने विचार रखे। संवाद की शुरुआत में ओपी जोशी ने कहा कि इंदौर अपने वृक्ष प्रेम के लिए पहचाना जाता रहा है लेकिन अब हम यहां भी ...
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विश्व पर्यावरण दिवस 2020 के उपलक्ष्य में जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा आयोजित “पर्यावरण संवाद सप्ताह” के तीसरे दिन 2 जून को आईटी एक्सपर्ट समीर शर्मा ने जैव विविधता संरक्षण की सस्टेनेबल तकनीकों पर विस्तृत बात रखी।
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हे गजानन कहां हो तुम? तुम्हें जरा भी उसकी गुहार, दर्द, तड़प, पीड़ा दिखाई-सुनाई नहीं दी? हे देवों के देव वक्रतुंड, महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ।।।कितने निष्ठुर हो गए तुम भी? हे सुमुख, उस निर्दोष गर्भवती हथिनी मां के मुख में उन विश्वास घातियों ने जो आग ...
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पर्यावरण को स्वस्थ व स्वच्छ बनाने, प्रकृति के प्रबंधन के घटक जल, वायु, वसुधा व नभ के आदान-प्रदान में सहायक बन उसके
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भारतीय संस्कृति, धर्म, ज्योतिष और अध्यात्म में पर्यावरण का बहुत महत्व है। भारतीय धर्म का कोई सा भी त्योहार या व्रत पेड़-पौधों या वृक्षों के बगैर अधूरा है।
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वास्तु में राशि के अनुसार पेड़ लगाना सकारात्मक फलदायक माना जाता है। सभी लोगों को घरों में पेड़ लगाने के बारे में शुभाशुभ जानना आवश्यक होता है।
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तुम्हें अपने घर-आंगन की खबर ही कहां है? तुम तो यह भी भूल गए कि परसों नुक्कड़ के उस पेड़ को काट दिया गया जिसकी इमलियाँ तुम रोज अपने जेब में भर कर ले जाते थे और उन्हीं के कारण स्कूल में कई दोस्त बने थे तुम्हारे। हां, सड़क बनाने के लिए उस पेड़ को काट दिया।
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