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परमा एकादशी 2026 का महत्व, पूजन विधि, मुहूर्त और सरल उपाय, जानें क्या खाएं, आज क्या न करें?

Updated: गुरुवार, 11 जून 2026 (10:39 IST)
Parama Ekadashi 2026: परमा एकादशी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर मानी जाती है। अधिक मास में आने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है। इस बार 3 साल बाद परमा एकादशी का आगमन हुआ है। अत: आज के दिन इस तरह पूजन और व्रत करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है।ALSO READ: परमा एकादशी 2026: व्रत पारण का सही समय, विधि और जरूरी नियम जानें
 

परमा एकादशी का महत्व

चपरमा एकादशी अधिक मास में आने वाली विशेष एकादशी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि के लिए भी यह व्रत शुभ माना जाता है। साथ ही यह व्रत पापों का नाश करने वाला और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन दान, जप और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। 
 

परमा एकादशी व्रत पूजा विधि

1. प्रातःकाल स्नान करें
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
 
2. भगवान विष्णु की स्थापना करें
पूजा स्थल पर भगवान विष्णु या श्रीहरि नारायण की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें।
 
3. पूजा सामग्री अर्पित करें
पीले पुष्प, तुलसी दल, चंदन, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
 
4. मंत्र जाप करें
'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
 
5. व्रत का संकल्प लें
पूरे दिन सात्विक आचरण रखें और यथाशक्ति उपवास करें।
 
6. आरती और कथा सुनें
शाम के समय भगवान विष्णु की आरती करें और परमा एकादशी व्रत कथा का श्रवण करें।
 

परमा एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

एकादशी का आरंभ: 11 जून, 2026 को 12:57 ए एम बजे
समापन: 11 जून 2026 को 10:36 पी एम बजे
ज्येष्ठ परमा एकादशी व्रत उदयातिथि के अनुसार आज, गुरुवार, 11 जून 2026 को मनाई जा रही है।
 
पारण/ व्रत खोलने का समय- 12 जून को, 05:23 ए एम से 08:10 ए एम बजे तक।
द्वादशी समाप्त (पारण तिथि के दिन) होने का समय- 07:36 पी एम पर।
 

परमा एकादशी के दिन करें ये उपाय

 
* भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
 
* पीले वस्त्र, चने की दाल और गुड़ का दान करें।
 
* गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं।
 
* विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
 
* मंदिर में दीपदान करें।
 
* गाय को हरा चारा खिलाएं।
 

व्रत में क्या खाएं?

 
* फल, दूध, मखाना, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा और सूखे मेवे।
* सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है।
 

व्रत में क्या न करें?

 
* तामसिक भोजन का सेवन न करें।
* क्रोध, झूठ और विवाद से दूर रहें।
* किसी का अपमान न करें।
 
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