Hanuman Chalisa

Mohini Ekadashi: मोहिनी एकादशी 2026: व्रत नियम, पूजा मुहूर्त, विधि और खास बातें

वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
सोमवार, 27 अप्रैल 2026 (10:01 IST)
Mohini Ekadashi Puja Vidhi: मोहिनी एकादशी हिन्दू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की आराधना के लिए मनाया जाता है। यह दिन न केवल आध्यात्मिक उन्नति का अवसर देता है, बल्कि जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य और सुख-शांति लाने के लिए भी विशेष माना जाता है।ALSO READ: अचानक बदलने वाली है इन 5 राशियों की तकदीर, ग्रहों का बड़ा संकेत
 
माना जाता है कि मोहिनी अवतार में भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के दौरान अमृत वितरण किया और देवताओं को अमृत प्रदान कर असुरों को पराजित किया। इसलिए इस एकादशी को करना विशेष पुण्य का काम माना जाता है। व्रत के दौरान किया गया उपवास, कथा का पाठ और दान-पुण्य सभी आध्यात्मिक लाभ प्रदान करते हैं। इस दिन व्रती को भगवान विष्णु के प्रति भक्ति और श्रद्धा के साथ पूजा करनी चाहिए।
 
  • मोहिनी एकादशी की तिथि
  • मोहिनी एकादशी के शुभ मुहूर्त 2026
  • मोहिनी एकादशी पारण समय
  • मोहिनी एकादशी का महत्व
  • व्रत का नियम और पूजा विधि
  • मोहिनी एकादशी के लाभ
  • खास जानकारी:
 

आइए यहां जानते हैं इस व्रत के बारे में...


 

1. मोहिनी एकादशी की तिथि

 
साल 2026 में मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल को
वार: सोमवार
यह दिन विशेष रूप से धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है।
 

मोहिनी एकादशी के शुभ मुहूर्त 2026

 
एकादशी तिथि प्रारम्भ- 26 अप्रैल, 2026 को 06:06 पी एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त- 27 अप्रैल, 2026 को 06:15 पी एम बजे
 

मोहिनी एकादशी पारण समय

 
पारण (व्रत तोड़ने का) समय- 28 अप्रैल को, 05:43 ए एम से 08:21 ए एम
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय- 06:51 पी एम पर। 
 

2. मोहिनी एकादशी का महत्व

 
* इसे भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार के स्मरण में मनाया जाता है।
* माना जाता है कि इस दिन व्रती का जीवन पापमुक्त होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
* इस दिन भगवान विष्णु भक्तों की इच्छाओं को पूर्ण करते हैं।
 

3. व्रत का नियम और पूजा विधि

 
1. दिन भर भोजन का त्याग करना चाहिए।
2. फल, दूध, और हल्का भोजन व्रत के दौरान लिया जा सकता है (कुछ परंपराओं में निर्जल व्रत भी किया जाता है)।
3. इस व्रत में सुबह उठकर स्नान और शुद्ध वस्त्र पहनकर पूजा करना अनिवार्य है।
4. स्नान और शुद्धिकरण हेतु सुबह उठकर स्वच्छ होकर स्नान करें।
5. विष्णु भगवान की स्थापना करें अर्थात् घर में भगवान विष्णु का चित्र या मूर्ति रखें।
6. मंत्र- 'ॐ नमो नारायणाय' का जाप करें।
7. मोहिनी एकादशी कथा का पाठ करें।
8. व्रत के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना विशेष पुण्यकारी है।
 

मोहिनी एकादशी के लाभ

 
* पापों से मुक्ति और आत्मिक शांति मिलती है।
* आर्थिक और पारिवारिक समृद्धि आती है।
* स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन में सुधार होता है।
 

खास जानकारी:

मोहिनी अवतार में भगवान विष्णु ने चंद्र, समुद्र मंथन और अमृत वितरण का अद्भुत कार्य किया था। इस व्रत को करने से व्रती का जीवन सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास की दिशा में बढ़ता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां
 

Show comments

सभी देखें

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय

अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित

Vakri Budh Effect: बुध की कर्क राशि में वक्री चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

सभी देखें

04 July Birthday: आपको 04 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 जुलाई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

5 सिद्ध मंत्र जो पूरी कर सकते हैं आपकी मनोकामना, जानें सही जप विधि

राहुकाल का सच: क्या यह सिर्फ अंधविश्वास है या इसके पीछे है वैज्ञानिक और ज्योतिषीय आधार?

आकाश में बना 'गजकेसरी राजयोग': जानिए किन राशियों पर बरसेगी गुरु-चंद्र की कृपा

अगला लेख