जामुन व मेथी बीजों के मोमोज और लड्डू के खाने से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता...

jamun methi laddu
में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जहां आम लोग कई दवाइयों का सेवन करके अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में जुटे हुए हैं तो वही हमारे चारों तरफ कई ऐसी सामग्रियां हैं जो बेहद आसानी से हर व्यक्ति को उपलब्ध हो सकती हैं और इनका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इसको लेकर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के गृह विज्ञान महाविद्यालय के खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीता सिंह ने बातचीत करते हुए बताया है कि एवं मेथी बीजों के मोमोज और लड्डू का नियमित सेवन करने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी की दूसरी लहर की चपेट में है तथा तीसरी लहर की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। ऐसे में हमें अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अपने खानपान तथा जीवन शैली का विशेष ध्यान रखना होगा। और ऐसी परिस्थितियों में अगर हम लोग देसी नुस्खा अपनाते हुए जामुन एवं मेथी के बीजों का पाउडर बनाकर स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन भी बना सकते हैं। जो हमारे शरीर को किसी भी प्रकार की कोई हानि भी नहीं पहुंचाएगा और हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाएगा।

व्यंजनों के बनाने की विधि -

उन्होंने व्यंजनों के बनाने की विधि के बारे में विस्तार से बताया कि मूल्य संवर्धित लड्डू बनाने के लिए विभिन्न अनुपातों में गेहूं का आटा, जामुन के बीजों का पाउडर तथा का मिश्रण तैयार किया गया। जिसमें 60:36:4, 60:32:8, 60:28:12 एवं 60:24:16 के अनुपात का मिश्रण तैयार किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रयोगों द्वारा पाया गया कि 60:24:16 के अनुपात से बने लड्डू पौष्टिकता की दृष्टि से उत्तम पाए गए। इस अनुपात से बने लड्डू में प्रोटीन का औसत स्कोर 6.86, वसा 11.80, क्रूड फाइबर 1.31 तथा एस 1.27 ग्राम पाया गया।

उन्होंने कहा जबकि इसी अनुपात के मिश्रण से बने मोमोज प्रोटीन का औसत स्कोर 11.28, कार्बोहाइड्रेट 75.67, वसा 1.94, क्रूड फाइबर 0.80 एवं ऐश 1.17 ग्राम पाया गया। उन्होंने बताया कि स्वाद की दृष्टि से 60:36:4 के अनुपातिक मिश्रण वाला लड्डू ज्यादा पसंद किया गया तथा 60:32:8 के अनुपातिक मिश्रण वाला मोमोज स्वाद की दृष्टि से पसंद किया गया।

जामुन के बीजों में जंबोलिन और जंबोसिन नामक पदार्थ होता है। जो ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देता एवं शुगर को भी नियंत्रित करता है। इसी प्रकार से मेथी के बीजों में डायोसजेनिन नामक यौगिक होता है जो एस्ट्रोन हार्मोन जैसा काम करता है। जिससे खांसी व गले तथा दांतों, गांठों के दर्द में आराम मिलता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के मिश्रण तैयार कर लड्डू व मोमोज का सेवन कर के औषधीय गुणों का लाभ प्राप्त कर शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए रखी जा सकती है तथा वायरस संक्रमित बीमारियों से बचा जा सकता है।




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