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धनतेरस पर करें कुबेरदेव के 5 चमत्कारी मंत्रों का जाप, इन 3 उपायों से खुलेंगे धन और समृद्धि के द्वार

Updated: बुधवार, 4 नवंबर 2026 (12:20 IST)
06 नवंबर 2026 शुक्रवार के दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन आरोग्य के देवता धनवंतरि, मृत्यु के देवता यमराज और धन के देवता कुबेरदेव की पूजा होती है। धनतेरस के शुभ अवसर पर भगवान कुबेर की कृपा पाने और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए 5 मंत्र और 3 उपाय करने से खुल जाएगा किस्मत का खजाना।
 
कुबेर आसुरी प्रवृत्तियों का हरण करने वाले देव हैं इसीलिए धनतेरस पर उनकी पूजा का प्रचलन है। भवन के उत्तर दिशा में भगवान कुबेर का वास होने के कारण धनतेरस के दिन यदि इस दिशा को वास्तु के अनुरूप रखकर कुबेर की पूजा की जाए तो आप अथाह धन-संपत्ति के मालिक बन सकते हैं। इसीलिए धनतेरस के दिन पृथ्वी की समस्त धन-दौलत, संपत्ति, संपदा, वैभव और ऐश्वर्य के स्वामी कुबेर के लिए सायंकाल में तेरह दीप समर्पित करने की मान्यता है। धनतेरस के दिन कुबेर से मनचाही समृद्धि पाने का यह रामबाण उपाय है। कुबेर भूगर्भ के स्वामी हैं तथा कुबेर की पूजा से मनुष्य की आंतरिक ऊर्जा जागृत होती है और धन अर्जन का मार्ग प्रशस्त होता है। 
 
अत: विशेष तौर पर धनतेरस के दिन कुबेर को प्रसन्न करने के लिए चंदन, धूप, दीप, नैवेद्य से पूजन करके तथा निम्न मंत्र का 13 बार का जाप करने से उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है। 
 

कुबेरदेव के 5 प्रभावशाली मंत्र

कुबेर मूल मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी-मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
लाभ: इस मंत्र के जाप से घर में अष्टलक्ष्मी और कुबेर देव की स्थिर कृपा बनी रहती है।
 
धन वृद्धि कुबेर मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये। धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
लाभ: व्यापार, नौकरी और आर्थिक स्थिति में उन्नति के लिए यह सबसे अचूक मंत्र माना जाता है।
 
अष्टलक्ष्मी कुबेर मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
लाभ: अचानक धन लाभ और अटके हुए पैसे वापस पाने के लिए इस मंत्र का जाप करें।
 
कुबेर गायत्री मंत्र
ॐ वैश्रवणाय विद्महे यक्षराजाय धीमहि तन्नो कुबेरः प्रचोदयात्॥
लाभ: मन की शांति, सकारात्मक ऊर्जा और धन में स्थिरता के लिए यह बेहद लाभदायक है।
 
सरल कुबेर मंत्र
ॐ कुबेराय नमः॥
लाभ: दैनिक पूजा या कम समय में 108 बार जाप करने के लिए यह सबसे सरल मंत्र है।
 
नोट: इनमें से किसी भी एक मंत्र का जप दस हजार होने पर दशांश हवन करें या एक हजार मंत्र अधिक जपें। इससे यंत्र भी सिद्ध हो जाता है। वैसे सवा लाख जप करके दशांश हवन करके कुबेर यंत्र को सिद्ध करने से तो अनंत वैभव की प्राप्ति हो जाती है। यह कार्य धनतेरस से पहले ही शुरु करना होगा।

धनतेरस के 3 विशेष उपाय

तिजोरी और कुबेर यंत्र की स्थापना

धनतेरस की शाम को उत्तर दिशा (जो कुबेर देव की दिशा मानी जाती है) में साफ-सफाई करके कुबेर यंत्र या भगवान कुबेर की फोटो स्थापित करें। उनके सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और कमलगट्टे की माला से ऊपर दिए गए किसी भी एक मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
 

धनिया और कौड़ी का उपाय

धनतेरस के दिन पूजा में साबुत धनिया और 5 पीली कौड़ियां रखें। पूजा के बाद धनिया को अपने घर के गमले में बो दें या तिजोरी में रख दें, और कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें। इससे घर में कभी धन की कमी नहीं होती।
 

13 दीपक का दान और मुख्य द्वार पर दीया

धनतेरस की शाम को घर के मुख्य द्वार पर दोनों तरफ दीपक जलाएं। इसके अलावा घर के अलग-अलग कोनों और तिजोरी के पास कुल 13 दीपक जलाएं। एक दीपक यमदेव के नाम का दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का जलाकर रखें, जिससे अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और घर में समृद्धि आती है।

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