biodatamaker

दीपावली पर इस तरह करेंगे दहलीज़ की पूजा तो माता लक्ष्मी आएंगी आपके द्वार

Updated: बुधवार, 27 अक्टूबर 2021 (08:28 IST)
Diwali 2021: हिन्दू शास्त्रों के अनुसार दिवाली पर द्वारपिंडी अर्थात दहलीज़ की पूजा करने का खास महत्व होता है। कहते हैं कि दहलीज़ में सभी देवी और देवता निवास करते हैं जिसके चलते घर में बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं करती हैं। आओ जानते हैं कि कैसे करते हैं देहरी पूजा।
 
ALSO READ: Deepawali 2021 : कब है दीपावली का त्योहार, जानिए पूजा के शुभ मुहूर्त
सुंदर बनाएं देहरी : दीपावली पर द्वार और देहलीज़ या देहरी का खासा महत्व रहता है। यदि आपकी देहरी टूटी-फूटी या खंडित हो तो उसे ठीक करवा कर उसे मजबूत और सुंदर बना लें। कोई भी व्यक्ति हमारे घर में प्रवेश करे तो दहलीज लांघकर ही आ पाए। सीधे घर में प्रवेश न करें।
 
ये कार्य करें : घर को साफ और स्वच्छ कर पांचों दिन देहरी पूजा करें। जो नित्य देहरी की पूजा करते हैं उनके घर में स्थायी लक्ष्मी निवास करती है। दीपावली के अलावा विशेष अवसरों पर देहरी के आसपास घी का दीपक लगाना चाहिए। इससे घर में लक्ष्मी का प्रवेश सरल होगा। विशेष मौके पर घर के बाहर देली (देहली या डेल) के आसपास स्वस्तिक बनाएं और कुमकुम-हल्दी डालकर उसकी दीपक से आरती उतारें। भगवान का पूजन करने के बाद अंत में देहली की पूजा करें। देहली (डेली) के दोनों ओर सातिया बनाकर उसकी पूजा करें। सातिये के ऊपर चावल की एक ढेरी बनाएं और एक-एक सुपारी पर कलवा बांधकर उसको ढेरी के ऊपर रख दें। इस उपाय से धनलाभ होगा।
ALSO READ: दीपावली के पूर्व जरूर कर लें ये 5 कार्य, माता लक्ष्मी आएंगी तो देखकर हो जाएंगी प्रसन्न
यह कार्य ना करें : दहलीज पर पैर रखकर कभी खड़े नहीं होते। दहलीज पर कभी पैर नहीं पटकते। अपने गंदे पैर या चप्पल को रगड़कर साफ नहीं करते। दहलीज पर खड़े रहकर कभी किसी के चरण नहीं छूते। मेहमान का स्वागत या विदाई दहलीज पर खड़े रहकर नहीं करते। स्वागत दहजलीज के अंदर से और विदाई दहलीज के बाहर खड़े रहकर करते हैं।


Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत: जानिए धार्मिक महत्व, फायदे और पूजन विधि

नाग पंचमी पर असली नाग नहीं बल्कि इस तरह नाग बनाकर करते हैं पूजा, जानिए संपूर्ण विधि

सावन मास का तीसरा सोमवार: 9 दुर्लभ योग में करें शिव पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त और विधि

नाग पंचमी 2026: उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, जानें शुल्क और स्लॉट की पूरी जानकारी

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 15 अगस्‍त 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख