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WHO की चेतावनी, Omicron को हल्‍के में न लें, दुनियाभर में ले रहा लोगों की जान...

Updated: शुक्रवार, 7 जनवरी 2022 (17:24 IST)
दुनियाभर में कोरोनावायरस (Coronavirus) के ओमिक्रॉन (Omicron) वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर चेतावनी दी है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि ओमिक्रॉन दुनियाभर में लोगों की जान ले रहा है और इसे हल्का समझकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पिछले वेरिएंट की तरह ही ओमिक्रॉन लोगों को अस्पताल में भर्ती कर रहा है और मार रहा है।

खबरों के अनुसार, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दुनिया को चेताते हुए कहा कि रिकॉर्ड संख्या में लोग नए वेरिएंट के शिकार हो रहे हैं, कई देशों में इसकी रफ्तार डेल्टा वेरिएंट से भी तेज है और यही कारण है कि अस्पताल तेजी से भर रहे हैं।

टेड्रोस ने कहा, ओमिक्रॉन डेल्टा की तुलना में कम गंभीर जरूर लग रहा हो, खासकर टीका ले चुके लोगों में, हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है इसे हल्के वेरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। पिछले वेरिएंट की तरह ही ओमिक्रॉन लोगों को अस्पताल में भर्ती कर रहा है और मार रहा है।

टेड्रोस ने कहा कि नया वेरिएंट रिकॉर्ड संख्या में लोगों को संक्रमित कर रह है। ये कई देशों में पिछले वेरिएंट डेल्टा से भी तेजी से फैल रहा है।टेड्रोस ने ने वैक्सीन के असमान वितरण को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने वैक्सीन के लिए अमीर देशों के लालच पर कहा, वैक्सीन का सही तरीके से डिस्ट्रीब्यूशन न होना पिछले साल सबसे बड़ी कमी रही। कुछ देशों में जहां जरूरत से ज्यादा हेल्थ सुविधाएं थीं, वहीं कुछ देश कमियों का सामना कर रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ चाहता था कि हर देश सितंबर 2021 तक अपनी 10 फीसदी और दिसंबर 2021 तक 40 फीसदी आबादी को वैक्सीन दे दे, लेकिन 194 देशों में से 92 देश तय किए गए टारगेट से चूक गए। इसका एक बड़ा कारण वैक्सीन की कमी थी। अब हमारा लक्ष्य है कि 2022 में जून-जुलाई तक हर देश में 70 फीसदी वैक्सीनेशन कम्प्लीट हो जाए। वैक्सीन रोल-आउट बिगड़ने से 109 देश फिर से इस टारगेट से पीछे रह जाएंगे।

डब्ल्यूएचओ की मारिया वान केरखोव ने कहा, इस बात की बहुत कम संभावना है कि ओमिक्रॉन के बाद कोरोनावायरस महामारी खत्म हो जाएगी। महामारी से बचने के लिए हमें और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। मैं यह देखकर हैरान हूं कि लोग कितनी लापरवाही से फेस मास्क पहन रहे हैं। इससे नाक और मुंह ढंकना पड़ता है। ठुड्डी के नीचे मास्क पहनना बेकार है।

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