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Indore : कहीं Coronavirus के सुपर स्प्रेडर न बन जाएं धार्मिक आयोजन और मेले

Updated: सोमवार, 27 दिसंबर 2021 (15:33 IST)
इंदौर। पश्चिम क्षेत्र में स्थित रणजीत हनुमान मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है। यहां के भक्तों को वर्ष में एक बार निकलने वाली प्रभातफेरी का इंतजार रहता है। इसमें लाखों भक्त अलसुबह शामिल होते हैं। प्रभातफेरी का भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। आयोजकों के लाख दावों के बाद भी प्रभातफेरी में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कहीं नहीं नजर आया। 
 
कोरोना संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है, लेकिन मेलों और रैलियों में कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव रद्द करने का फैसला किया है।
 
ओमिक्रॉन के 8 मामले : कोरोनावायरस के चलते पिछले 2 साल मंदिर परिसर में प्रभातफेरी निकालकर परंपरा का निर्वहन किया जा रहा था, लेकिन इस साल धूमधाम से प्रभातफेरी निकाली गई। इंदौर में ओमिक्रॉन के 8 मामले मिले हैं। शहर में नाइट कर्फ्‍यू लगाया गया है।
 
मार्ग बदलने से कम होगा कोरोना : कोविड के चलते इस प्रभातफेरी के मार्ग में बदलाव करते हुए चौड़े रास्तों से निकालने का फैसला किया गया और उसे छोटा भी किया गया। कोरोना काल में प्रभातफेरी में जो दृश्य दिखाई दिए, वे डराने वाले थे।
 
कोविड प्रोटोकॉल की उड़ीं धज्जियां : प्रभातफेरी में शामिल भीड़ मेंन तो सोशल डिस्टेंसिंग दिखाई दी और न ही लोगों के चेहरों पर मास्क दिखाई दिए। प्रभातफेरी में महिलाओं के साथ ही छोटे बच्चे भी नजर आ रहे थे। आयोजकों ने दावा किया था कि स्वागत मंच नहीं लगाए जाएंगे, लेकिन जगह-जगह पर ऐसे मंच दिखाई दिए। मंचों से स्वागत के साथ ही खाने-पीने की वस्तुएं भी बांटी जा रही थीं।  इससे लोगों का जमावड़ा और दिखाई दिया। 
 
लालबाग में हो रहे मालवा उत्सव में भी लोगों का जमावड़ा लग रहा है और कोविड प्रोटोकॉल का जमकर मखौल उड़ रहा है। भक्तों की धर्म और आस्था अपनी जगह है, लेकिन प्रशासन और आयोजकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि कोरोनावायरस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों ने संक्रमण के खतरे को और बढ़ा दिया है। ऐसे आयोजन कहीं कोरोना के नए स्प्रेडर न बन जाएं।

रणजीत हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास के मुताबिक हर साल की तरह इस बार भी रणजीत हनुमान भ्रमण पर तो निकाली गई लेकिन यात्रा मार्ग छोटा किया गया। कई भक्तों ने यात्रा में शामिल होने की बजाय इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रभातफेरी की लाइव दर्शन किए। यात्रा मार्ग पर लोग सड़क के आस-पास खड़े रहे और दर्शन किए। यात्रा मंदिर से महूनाका, अन्नपूर्णा मंदिर, नरेंद्र तिवारी मार्ग से पुन: मंदिर पर आकर समाप्त हुई। (सभी फोटो : धर्मेंद्र सांगले)
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