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Ground Report : नागपुर में नए स्ट्रेन का आतंक, हर 2 से 3 घर के बाद मिल रहे संक्रमित, डेथ रेट सबसे ज्‍यादा

Published: शनिवार, 3 अप्रैल 2021 (13:05 IST)
पिछले दिनों नागपुर में लगाए गए लॉकडाउन के नतीजे उम्‍मीद से ब‍ि‍ल्‍कुल विपरीत आए हैं। कोरोना संक्रमित के मरीजों की संख्‍या में कमी आने की बजाए यह आंकड़ा बेतहाशा तौर से बढ़ रहा है।

हालात यह है कि कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन ने शहर में आतंक मचा रखा है। शहर में हर गली में दो या तीन घर के बाद एक संक्रमित मरीज मिल रहा है। स्‍थि‍ति यह है कि खुद नागपुर के महापौर दयाशंकर तिवारी संक्रमित हो गए हैं।

बीते शुक्रवार को ही 60 लोगों की मौत हो गई, जबकि पूरे शहर में 2 हजार 857 संक्रमित नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही पूरे महाराष्‍ट्र में नागपुर एक ऐसा शहर हो गया है, जहां डेथ रेट सबसे ज्‍यादा है।

शुक्रवार को ही राज्‍य की स्‍थिति को भांपते हुए मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चिंता व्‍यक्‍त की कि राज्‍य के लोग कोरोना नियमों की गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं, यही स्‍थिति रही तो राज्‍य में पूरी तरह से लॉकडाउन लगाना होगा।

अस्‍पतालों में नहीं मिल रहे पलंग
अगर यही स्‍थि‍ति रही तो नागपुर में आने वाले दिनों में हालात और ज्‍यादा खराब हो सकते हैं। यहां अभी भी अस्‍पतालों में मरीजों को पलंग नहीं मिल पा रहे हैं, वहीं डॉक्‍टरों नर्स और अन्‍य मेडिकल स्‍टाफ की कमी की वजह से भी स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को दिक्‍कतों को सामना करना पड़ रहा है।

अब ग्रामीण इलाकों से आ रहे मरीज
अब तक नागपुर में सिर्फ शहर से ही संक्रमित मरीज ट्रेस किए जा रहे थे, लेकिन अब ग्रामीण इलाकों से भी मरीज इलाज के लिए नागपुर पहुंच रहे हैं, इससे स्‍थि‍ति और ज्‍यादा खतरनाक और और अनि‍यंत्र‍ित होती जा रही है।

मध्‍यप्रदेश से भी आ रहे मरीज
नागपुर के अस्‍पतालों में नागपुर के साथ ही सबसे ज्‍यादा मरीज मध्‍यप्रदेश से पहुंच रहे हैं। नागपुर से सटे छिंदवाडा समेत बालाघाट, बैतूल और सिवनी से रोजाना कई संक्रमित लोग इलाज के लिए नागपुर आ रहे हैं। ऐसे में मेड‍ि‍कल व्‍यवस्‍था और डॉक्‍टरों की सेवाएं भी चरमरा रही है।

लॉकडाउन का नहीं कोई फायदा
पिछले दिनों नागपुर प्रशासन की बरती गई सख्‍ती कोई काम नहीं आई। इसके उलट मरीजों की संख्‍या में चिंताजनक इजाफा हुआ है। सबसे ज्‍यादा चौंकाने वाली और भयावह जानकारी यह है कि नागपुर में अब भी लोग कोरोना के नि‍यमों का पालन नहीं कर रहे हैं। चाय की दुकानों, जूस की दुकानों, पान ठेलों और नाश्‍ते की दुकानों पर बेतहाशा तरीके से लोगों की भीड़ हो रही है। न तो मास्‍क लगाए जा रह है और न ही सोशल दूरी ही नजर आ रही है। सिर्फ शाम को 7 बजे के बाद असर नजर आता है, इसके पहले पूरे शहर में सामान्‍य दिनों की तरह दृश्‍य नजर आ रहे हैं। बाजारों में भीड़ और आवागमन रोज की तरह सामान्‍य ही नजर आ रहा है।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें

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