Covid vaccination : देश में अब तक 2 लाख 24 हजार से ज्यादा को लगा टीका, 447 में वैक्सीन के साइड इफेक्ट, 3 अस्पताल में भर्ती : स्वास्थ्य मंत्रालय

Last Updated: सोमवार, 18 जनवरी 2021 (00:39 IST)
नई दिल्ली। केंद्र ने रविवार को कहा कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के 2 दिनों के दौरान देश में 2.24 लाख से अधिक लाभार्थियों को कोविड-19 के टीके लगाए गए तथा इस दौरान प्रतिकूल प्रभाव के सिर्फ 447 मामले सामने आए। केंद्र ने कहा कि इन 447 मामलों में से केवल 3 व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी।
केंद्र ने कहा कि प्रतिकूल प्रभाव सामने आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए 3 व्यक्तियों में से दो को उत्तर रेलवे अस्पताल और दिल्ली के एम्स से छुट्टी दे दी गई है और एक एम्स, ऋषिकेश में निगरानी में है और उसकी स्थिति ठीक है।

मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने कहा कि 2,07,229 लाभार्थियों को शनिवार को टीके लगाये गए जो कि किसी देश में एक दिन में टीकाकरण की सबसे अधिक संख्या है।
उन्होंने कहा कि रविवार होने के चलते सिर्फ 6 राज्यों ने कोरोनावायरस टीकाकरण अभियान चलाया और 553 सत्रों में कुल 17,072 लाभार्थियों को टीका लगाया गया। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 17 जनवरी तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को टीके लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि 16 और 17 जनवरी को कुल 447 एईएफआई (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव) की सूचना मिली है, जिनमें से केवल 3 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। अब तक सामने आए प्रतिकूल प्रभावों में से ज्यादातर मामूली थे जैसे बुखार, सिरदर्द, मितली आना।
अधिकारी ने कहा कि प्रतिकूल प्रभाव के कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता हो सकती है जिन्हें गंभीर प्रभाव के तहत वर्गीकृत किया जाता है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण सत्र स्थल पर ऐसे मामलों की सूचना, तत्काल प्रबंधन, परिवहन और अस्पताल में भर्ती कराने के लिए प्रोटोकॉल लागू हैं।

अधिकारी ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान को कम करने के लिए सप्ताह में 4 दिन कोविड-19 टीकाकरण सत्र की योजना बनाने की सलाह दी गई है और कुछ राज्यों ने पहले ही अपने साप्ताहिक टीकाकरण दिनों को सार्वजनिक कर दिया है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत लाभार्थियों ने दिल्ली, असम और आंध्रप्रदेश में टीका लिया है और उम्मीद जताई कि टीकाकरण अभियान में जल्द ही तेजी आएगी।

अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत शनिवार को 8,117 लोगों के लक्ष्य के मुकाबले कुल 4,319 (53 प्रतिशत) स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय राजधानी में 81 केंद्रों पर टीके लगाए गए।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार अब कोविड​​-19 के टीके लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए आने वाले दिनों में परामर्श और औपचारिक फोन कॉल जैसे उपाय करेगी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कुछ लोगों ने अंतिम समय में इसके लिए नहीं आने का फैसला किया। टीकाकरण कार्यक्रम पूरी तरह से स्वैच्छिक है। हम किसी व्यक्ति को अनिवार्य रूप से टीका लेने के लिए नहीं कह सकते हैं, भले ही व्यक्ति ने इसके लिए पंजीकरण किया हो।

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में टीकाकरण केंद्रों की संख्या जल्द ही 81 से बढ़ाकर 175 कर दी जाएगी। असम में शनिवार को टीकाकरण अभियान के पहले दिन 6,500 लाभार्थियों का टीकाकरण किया जाना था, लेकिन 3,528 लोग ही इसके लिए आए।
राज्य के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक एस. लक्ष्मणन ने कहा कि कई चीजें लागू की जानी थीं और व्यवस्था विकसित हो रही है लेकिन हमें यकीन है कि यह अगले 5 से 10 दिनों में यह गति पकड़ लेगा।

उन्होंने कहा कि कई लाभार्थी टीके के लिए नहीं आए जबकि कई अन्य, जिनका नाम पहले दिन की सूची में नहीं था, स्थलों पर आए। आंध्रप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहले दो दिनों में 32,149 लोगों को टीके दिए गए जबकि लक्ष्य 58,803 के टीकाकरण का था। इसके बारे में पूछे जाने पर, एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि संख्या धीरे-धीरे बढ़ेगी।
रविवार को लक्षित 27,233 के मुकाबले केवल 13,041 स्वास्थ्य कर्मियों को राज्यभर में कोविड-19 टीका दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि राज्य में 22 जनवरी तक बाकी स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण हो जाएगा। शनिवार को यूपी में कुल 20,076 स्वास्थ्य कर्मियों को टीके दिये गए।

पश्चिम बंगाल में भाजपा द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया कि दो विधायकों सहित तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को अग्रिम मोर्चे पर लगे कर्मियों के लिए निर्धारित कोविड-19 टीके लगाए गए, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में इसकी कमी हो गई। राज्य के कई स्वास्थ्यकर्मियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें टीके नहीं मिले। हालांकि उन्हें इसके लिए आने के लिए कहा गया था।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए टीके स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों और अन्य अग्रिम मोर्चे के कर्मियों के लिए हैं जो महामारी की स्थिति में समाज की सेवा कर रहे हैं। देश भर में केंद्र द्वारा लगभग 3.5 करोड़ शीशियां भेजी गई थीं। ये खुराक नेताओं के लिए नहीं हैं। अगर ये टीके कुछ टीएमसी नेताओं द्वारा लिए जाते, तो एक कमी होगी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को राज्य को कोविड-19 टीकों की ‘अपर्याप्त’ आपूर्ति का आरोप लगाया था। जिन 6 राज्यों में रविवार को टीकाकरण अभियान चलाया गया उनमें आंध्रप्रदेश (308 सत्र), अरुणाचल प्रदेश (14 सत्र), कर्नाटक (64 सत्र), केरल (एक सत्र), मणिपुर (एक सत्र) और तमिलनाडु (165 सत्र) शामिल हैं।

अगनानी ने कहा कि अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए रविवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक बैठक हुई जिससे कि अड़चनों की पहचान की जा सके और सुधारात्मक कार्रवाई की योजना बनाई जा सके।
यह अभियान सप्ताह में चार दिन अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान आंध्रप्रदेश में सप्ताह में छह दिन और मिजोरम में सप्ताह में पांच दिन चलाया जाएगा। (भाषा)



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