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Lockdown के चलते मुश्किलों का सामना कर रहे श्रमिकों के चेहरे पर छाई खुशियां

Updated: रविवार, 26 अप्रैल 2020 (22:32 IST)
इंदौर। घरों से दूर रोजी रोटी की तलाश में प्रदेश के बाहर गए मजदूरों को वापस अपने घर तक लाने तथा इंदौर में रुके मजदूरों को उनके क्षेत्रों में भेजने के प्रशासन विशेष प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देशों पर संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। लॉकडाउन के चलते मुश्किलों का सामना कर रहे श्रमिकों के चेहरे पर नई खुशियां झलक रही हैं।
 
इंदौर संभाग के श्रमिकों का अपने-अपने घरों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां से अन्य प्रदेशों के मजदूरों को उनके घर भेजने की तैयारियां की जा रही हैं। श्रमिकों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य परीक्षण, लाने-ले जाने की व्यवस्था, भोजन, रहने के इंतजाम किए गए हैं।
 
17 राज्यों से 3 हजार से अधिक मजदूर लौटेंगे अपने घर : मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच हजारों मजदूरों को अपने अपने राज्यो में अपने परिवार के पास भेजने का निर्णय लिया है।

खरगोन में 25 अप्रैल तक 1952 मजदूरों को उनके गृह जिलों में भेज दिया है। अब दूसरे चरण में ऐसे मजदूरों का डेटाबेस तैयार कर अन्य राज्यो में अपने परिवार के पास भेजने की तैयारियां हैं। कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड ने बताया है कि खरगोन में 17 राज्यों से से 3 हजार से अधिक मजदूर अपने घरों की ओर वापस आएंगे।
 
गुजरात से लौटे 92 मजदूर : बड़वानी जिले में गुजरात के विभिन्न स्थानों पर मजदूरी करने गए जिले के 92 मजदूरों को गुजरात की सीमा से लगे मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले से सरकारी गाड़ी में लाया गया। बड़वानी पहुंचने पर उनका पुनः स्वास्थ्य परीक्षण गृह ग्राम तक पहुंचाया गया।

कलेक्टर अमित तोमर ने इन्हें बताया कि अगले 14 दिनों तक उन्हें अपने घरों में ही रहना है। अगर इस दौरान किसी को कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है तो तत्काल अपने ग्राम  सचिव, सरपंच या एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को इसकी सूचना देना है, जिससे उनका तत्काल उपचार करवाया जा सके।
 
एसडीएम बड़वानी सुअंशु जावला ने बताया कि विकासखंड पाटी के सबसे दूरस्थ ग्राम चेरवी के रहने वाले इन 72 एवं बोरकुण्ड रहने वाले 5 मजदूरों को आलीराजपुर से आई बस के माध्यम से पाटी तक पहुंचाया गया। उन्हें निःशुल्क दूसरे वाहनों से उनके गृह ग्राम भेजा गया। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
आलीराजपुर में भी हुई गुजरात से घर वापसी : गुजरात में फंसे बड़ी संख्या में श्रमिकों की घर वापसी हुई। मध्यप्रदेश के 29 जिलों के 740 व्यक्तियों को प्रदेश लाया गया। एक-एक व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। तत्पश्चात सभी को अलग-अलग वाहनों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। श्रमिकों की बॉर्डर चेकपोस्ट पर स्वास्थ्य जांच चिकित्सकों की टीम द्वारा की गई। श्रमिकों को उनके गृह जिले में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
 
सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान : शनिवार शाम को करीब 7 बजे से गुजरात की ओर से बसों के काफिले का आने का क्रम प्रारंभ हो गया था। गुजरात में फंसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों को लेकर अलग-अलग बसें आईं। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाकर लाया गया था। इन श्रमिकों में आलीराजपुर, उमरिया, सीधी, झाबुआ, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, छिंदवाड़ा, भिंड, मुरैना, ग्वालियर, उज्जैन, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, रीवा, सतना, कटनी, शहडोल, सिंगरौली, सागर, सिवनी, राजगढ़ ,धार, मंदसौर, इंदौर, आगर मालवा देवास, पन्ना जिले के श्रमिक शामिल हैं। 
 
बुरहानपुर में ढाई हजार मजदूरों का परीक्षण : बुरहानपुर जिले के कलेक्टर राजेश कौल ने बताया है कि जिले के मजदूरों के प्रति पूरी संवेदनशीलता से काम हो रहा है। रविवार तक दूसरे राज्यों/जिलों से बुरहानपुर जिले में लाने वाले मजदूरों की संख्या 2525 है। इन मजदूरों का मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है। मजदूरों के ठहरने, भोजन, चाय-नाश्ता की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है। कुल 2399 व्यक्तियों को अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। शेष 126 लोगों को राहत कैम्प में ठहराया गया ।
 
मजदूरों के खाते में डाल रहे है राशि : कौल ने बताया है कि अधिकतर मजदूर महाराष्ट्र राज्य से आए हुए हैं जो बुरहानपुर से खंडवा, कटनी, शहडोल, उमरिया, खरगोन आदि जिलों में बसों तथा अन्य माध्यम से सुविधानुसार अपने गंतव्य स्थलों पर पहुंचाए जा रहे हैं। मजदूरों को मुख्यमंत्री प्रवासी सहायता योजना के अंतर्गत सत्यापित कर उनके खाते में 1-1 हजार की सहायता राशि अंतरित की गई है।
 
धार में भी हो रही है तैयारी : गुजरात राज्य से धार जिले में आने के इच्छुक मजदूरों की संख्या 205 है। कलेक्टर श्रीयुत श्रीकांत बनोठ ने बताया है कि इसके अलावा मध्यप्रदेश के बाहर के राज्य में जाने वाले मजदूरों की संख्या 561 है। मध्यप्रदेश राज्य के अंदर ही विभिन्न जिलों में अलग-अलग बसों के माध्यम से 170 मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
 
खंडवा से महाकौशल भेजे गए मजदूर : खंडवा जिले में शुक्रवार को 6 वाहन से 220, शनिवार को 7 बसों में 350 मजदूर, और आज रविवार को 4 बसों से लगभग 200 मजदूर रीवा, सतना, डिंडोरी, जबलपुर की ओर मजदूर भेजे जाएंगे। कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल ने बताया कि इसके अलावा कर्नाटक के उडुपी में खण्डवा जिले के नवोदय स्कूल के विद्द्यार्थी फसे हैं उन्हें लेने बस गई है।
 
झाबुआ पहुंचे 2 हजार श्रमिक : जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों को लाने के लिए 100 गाड़ियों की व्यवस्था की गई। कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने बताया है कि अब तक 2 हजार श्रमिक आ चुके हैं। उनकी स्वास्थ्य जांच और भोजन की व्यवस्था की गई है। श्रमिकों को लाने का कार्य एक सप्ताह तक चलेगा।

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