COVID-19 Vaccine Drive: दूसरे चरण के पहले दिन उपराष्ट्रपति, PM मोदी, अमित शाह समेत इन नेताओं ने लगवाई वैक्सीन

Last Updated: मंगलवार, 2 मार्च 2021 (00:41 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टीके की पहली खुराक लेने के साथ ही देश में वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न रोगों से पीड़ित 45 से 59 साल के लोगों के लिए सोमवार को टीकाकरण अभियान का विस्तार हो गया।
मोदी (70) को सुबह करीब साढ़े 6 बजे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भारत बायोटेक के स्वदेशी ‘कोवैक्सीन’ टीके की पहली खुराक दी गई। बाद में प्रधानमंत्री ने उन सभी लोगों से टीका लगवाने की अपील की, जो दूसरे चरण के टीकाकरण अभियान के तहत इसकी पात्रता रखते हैं।

एम्स के प्रमुख रणदीप गुलेरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सुबह करीब साढ़े छ: बजे टीका लगाया गया और उसके बाद तय प्रक्रिया के मुताबिक करीब आधे घंटे तक उन्हें निगरानी में रखा गया, जिसके बाद वे चले गए। गुलेरिया ने कहा कि टीका लगवाने के बाद वे ठीक हैं। उन्हें टीके की दूसरी खुराक 28 दिनों बाद दी जाएगी।
देश में वर्तमान में ‘कोवैक्सीन’ के अलावा ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके ‘कोविशील्ड’ की खुराक भी दी जा रही है। देश में स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों के लिए 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई थी। वहीं, टीकाकरण अभियान के विस्तार पर देश में सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लेने के लिए हजारों लोग कतार में लगे।
अभियान में तकनीकी अड़चनों की भी खबरें आईं और कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन में परेशानी हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्ले स्टोर पर उपलब्ध कोविन ऐप सिर्फ प्रशासकों के इस्तेमाल के लिए है और कोविड-19 का टीका लगवाने के लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। मंत्रालय ने कहा कि दोपहर एक बजे तक कोविन पोर्टल पर 10 लाख से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण कराया।
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और एस जयशंकर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, इन्फोसिस के सह संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति और क्रिस गोपालकृष्णन समेत अन्य शख्सियतों ने भी टीके की पहली खुराक ली।
कर्नाटक में 97 वर्षीय व्यक्ति को टीके की पहली खुराक दी गई। कुछ लोग टीका लेने के लिए व्हीलचेयर पर आए थे। पंजीकरण सुबह नौ बजे शुरू हुआ वहीं प्रधानमंत्री ने सबसे पहले टीके की खुराक ली।
सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर मोदी ने ट्वीट किया कि मैंने एम्स में कोविड-19 टीके की पहली खुराक ली। कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने बहुत कम समय में असाधारण काम किया है। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी लोगों से कोरोना वायरस का टीका लगवाने की अपील करता हूं, जो इसके पात्र हैं। हम सब मिलकर भारत को कोविड-19 से मुक्त बनाएंगे।
गुलेरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री के टीका लगवाने के बारे में एम्स को रविवार देर रात सूचना दी गई और उनके लिए कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए। गुलेरिया ने कहा कि क्योंकि सोमवार (कामकाजी) का दिन था इसलिये उन्होंने सुबह जल्दी टीका लगवाने का फैसला किया जिससे अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो।

पुडुचेरी की रहने वाली नर्स पी निवेदा ने प्रधानमंत्री को टीके की पहली खुराक दी। निवेदा ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि टीका लगवाने के बाद प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि लगा भी दिया, पता भी नहीं चला। केरल की रहने वाली और नर्स रोसम्मा अनिल ने कहा कि यह उनके लिए बहुत खुशी वाला दिन है। उन्होंने कहा कि इसलिए कि प्रधानमंत्री मोदीजी टीका लगवाने के लिए एम्स आए। प्रधानमंत्री मोदी भी दुनिया के उन नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने कोविड-19 के टीके की खुराक लेकर लोगों के मन में टीका को लेकर भरोसा बढ़ाया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वदेशी तौर पर विकसित कोविड-19 टीका लिया है जिसके बाद उसके दुष्प्रभावों को लेकर लोगों में जो संदेह हैं वे सभी दूर हो जाने चाहिए। मंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि वे मंगलवार को टीका लगवाएंगे।

हैदराबाद की टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने कहा कि कोरोना वायरस टीके की पहली खुराक लेकर प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है और उनके इस कदम से महामारी के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान को बढ़ावा मिलेगा। पहले ही दिन टीके की खुराक लेने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना करते हुये भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा इला ने में भरोसा जताने के लिये मोदी का आभार जताया।
इला ने कहा कि कोविड-19 टीके की पहली खुराक लेने पर हम माननीय प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हैं और उनके इस कदम की सराहना करते हैं। उनके इस कदम ने सभी भारतीय नागरिक के लिये एक उदाहरण प्रस्तुत किया है जो महामारी के खिलाफ जारी टीकाकरण में विश्वास पैदा करने में मील का पत्थर साबित होगा।

बिहार में विधानसभा चुनाव के समय भाजपा नीत राजग ने वादा किया था कि लोगों को नि:शुल्क टीके मुहैया कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को मुफ्त टीके दिए जाएंगे। उन्होंने लोगों से भी टीका लगवाने के लिए आगे आने की अपील की।
केंद्र सरकार ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और अन्य बीमारियों से पीड़ित 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 1 मार्च से टीकाकरण अभियान आरंभ किया जाएगा।

नागरिक किसी भी समय और कहीं भी टीकाकरण के लिए पंजीकरण और बुकिंग को-विन 2.0 पोर्टल का उपयोग करके या आरोग्य सेतु जैसे अन्य आईटी एप्लीकेशन के माध्यम से कर सकेंगे। पात्र व्यक्ति चरणबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से अपने मोबाइल नंबर के जरिए कोविन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
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100 बौद्ध भिक्षु कोरोना पॉजिटिव : हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला के ग्युटो मठ में सोमवार को 100 बौद्ध भिक्षु कोरोना संक्रमित पाए गए। इस मठ में कुल 156 भिक्षुओं की रिपोर्ट पॉजिटिव मिल चुकी है। इतने सारे मामले आने के बाद इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है।
1 साल बाद पश्चिम बंगाल में कोरोना से कोई मौत नहीं : पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटे में किसी की भी कोरोनावायरस से मौत नहीं हुई है जो पिछले साल 22 मार्च से पहली बार ऐसी स्थिति सामने आई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सोवमार को यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार राज्य में इस जानलेवा वायरस के चलते अब तक 10,268 लेागों की जान चली गई।

विभाग के मुताबिक राज्य में कोविड-19 के 198 नए मरीज सामने आने से इस महामारी के मामले 5,75,316 हो गए। सबसे अधिक 62 नए मरीज कोलकाता में सामने आए। राज्य में पिछले 24 घंटे में 212 मरीजों के ठीक होने के साथ ही स्वस्थ होने की दर बढ़कर 97.64 फीसद हो गयी। अब तक 5,61,755 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। फिलहाल 3,293 मरीज उपचाररत हैं। राज्य में अब तक 85,79,292 नमूनों की कोविड-19जांच हो चुकी है।
महाराष्ट्र में
6,397 नए मामले :
महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 6,397 नए मामले सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 21,61,467 हो गए। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई। विभाग ने कहा कि कोविड-19 से 30 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 52,184 पर पहुंच गई।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में अब तक 20,30,458 मरीज ठीक हो चुके हैं और वर्तमान में 77,618 मरीज उपचाराधीन हैं। मुंबई में सोमवार को संक्रमण के 855 नए मामले सामने आए और महामारी से चार मरीजों की मौत हो गई।
कैरिकोम देशों को कोविड-19 रोधी टीके भेजे : भारत ने कोविड-19 से खिलाफ लड़ाई में सहयोग को तहत कैरिकोम देशों से की गई अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए कोविड-19 रोधी टीके एंटीगुआ और बारबूडा, सेंट किट्स और नेविस, सेंट विंसेन्ट और ग्रिनाडिन्स एवं सूरीनाम को भेजे । विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह जानकारी दीं जयशंकर ने अपने ट्वीट में कहा कि कैरिकोम देशों से की गयी प्रतिबद्धता को पूरा किया ।
उन्होंने लिखा कि भारत निर्मित टीके एंटीगुआ और बारबूडा, सेंट किट्स और नेविस, सेंट विंसेन्ट और ग्रिनाडिन्स तथा सूरीनाम पहुंचे। इस बीच एंटीगुआ और बारबूडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एस्ट्राजेनिका टीके की पांच लाख खुराक भेजने के लिए धन्यवाद दिया है। गौरतलब है कि ‘कैरीकोम’ में 20 कैरेबियाई देश हैं जहां करीब 1.6 करोड़ की आबादी है।

भारत ने ‘टीका मैत्री’ अभियान के तहत भूटान को 1.5 लाख, मालदीव, मॉरीशस और बहरीन को एक लाख, नेपाल को 10 लाख, बांग्लादेश को 20 लाख, म्यांमार को 15 लाख, सेशेल्स को 50,000, श्रीलंका को 5 लाख खुराक मुहैया कराई है। इसके अलावा अनेक देशों को टीके की वाणिज्यिक आपूर्ति भी की गई है। ( इनपुट भाषा)



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