वुहान की लैब में चीनी विज्ञानियों ने ही बनाया था Coronavirus, नई रिचर्स में सनसनीखेज दावा

Last Updated: सोमवार, 31 मई 2021 (07:00 IST)
लंदन। कोरोना वायरस आखिर कहां से आया, यह पता लगाने के लिए दोबारा जांच की बढ़ती मांग के बीच एक नई रिचर्स में सनसनीखेज दावा किया गया है। हालांकि वुहान से कोरोना वायरस की उत्पति को लेकर लगातार इंकार करता रहा है।
यह सनसनीखेज दावा ब्रिटेन और नार्वे के वैज्ञानिकों की एक टीम ने किया है। इसके मुताबिक अध्‍ययन में जिन सैंपल्‍स को शामिल किया गया था, उन पर अलग तरह के फिंगरप्रिंट भी मिले। 'डेली मेल' की एक रिपोर्ट के अनुसार शोध के दौरान कई ऐसे तथ्‍य सामने आए, जिससे जाहिर होता है कि यह लैब में छेड़छाड़ के बगैर नहीं हो सकता।

रिपोर्ट के मुताबिक यह अध्‍ययन एचआईवी वैक्‍सीन पर सफलतापूर्वक काम कर चुके ब्रिटिश प्रोफेसर एंगस डल्‍गलिश और नार्वे के वैज्ञानिक डॉ. बिर्गर सोरेनसेन ने मिलकर किया। इसमें यह भी कहा गया है कि चीन ने में प्रयोग से जुड़े डेटा को जानबूझकर नष्‍ट किया, इसे छिपाया और इससे छेड़छाड़ की।
रिचर्स के मुताबिक खतरनाक को चीनी वैज्ञानिकों ने लैब में बनाया और फिर रिवर्स-इंजीनियरिंग वर्जन के जरिए इसे ढंकने की कोशिश की ताकि यह चमगादड़ से प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ नजर आए।
खूफिया एजेंसियों ने माना : ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों का भी अब मानना है कि ऐसा 'संभव' है कि कोविड-19 महामारी चीन की प्रयोगशाला से कोरोनावायरस के लीक होने से फैली हो। एक मीडिया रिपोर्ट में रविवार को यह दावा किया गया। उसके बाद ब्रिटेन के टीका मंत्री नाधिम ज़हावी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से इस घातक वायरस की उत्पत्ति के संबंध में पूर्ण जांच की मांग उठाई।
कोविड-19 की उत्पत्ति व्यापक बहस का मुद्दा रही है। कई वैज्ञानिक एवं नेता इस घातक वायरस के प्रयोगशाला से फैलने की संभावना जता चुके हैं।
सूत्रों के हवाले से 'द संडे टाइम्स' ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शुरुआत में ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों का विचार था कि इस बात की बेहद कम संभावना है कि कोरोनावायरस इस प्रयोगशाला से लीक हुआ, जहां चमगादड़ों में पाए जाने वाले वायरस पर अनुसंधान किया जाता है और यह वायररसकोविड-19 के वायरस से काफी मिलता -जुलता है।

संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लेकिन अब इसको लेकर दोबारा आकलन किए जाने के बाद इस बात की संभावना को बल मिला है कि ये वायरस किसी प्रयोगशाला से निकलकर दुनिया में फैला।इस रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला दिया गया है। चीन की वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलोजी वुहान के उस सीफुड मार्केट के पास ही है जहां 2019 में यह वायरस सामने आया और महामारी का रूप ले लिया। (एजेंसियां)



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