बैल की जगह खुद हल खींच रहे थे बुजुर्ग दंपति, सोनू सूद ने बढ़ाया मदद का हाथ
बॉलीवुड एक्टर 2020 के कोविड लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरो और देशभर के जरूरतमंदों की मदद करके उनके मसीहा बन गए थे। कोरोना काल में शुरू हुआ सोनू सूद की मदद का सिलसिला अभी भी जारी है। वह अक्सर जरूरतमंदों के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाते रहते हैं।
इस नेक काम ने लिए उन्होंने 'सोनू सूद फाउंडेशन' की भी स्थापना की है। वहीं अब सोनू सूद महाराष्ट्र के लातूर के एक बुर्जुग दंपत्ति की मदद के लिए आगे आए हैं। हाल ही में इस बुर्जुन दंपत्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह हाथों से खेत जोतते दिख रहे थे।
#WATCH | Maharashtra | An elderly farmer tills dry land by tying himself to traditional plough in drought-hit area in Latur pic.twitter.com/9geMReVGB0
— ANI (@ANI) July 2, 2025
वीडियो में बुजुर्ग पुरुष आगे से हल को खींच रहा था और उनकी पत्नी पीछे से हल को संभाल रही थी। यह वीडियो देखने के बाद लोगों का दिल पसीज गया था। बताया जा रहा था कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। उनके पास खेत की जुताई के लिए ना तो बैल हैं और न ही किराशए पर लाने के लिए पैसे। इसलिए वे खुद खेत की जुताई कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सोनू सूद उनकी मदद के लिए आगे आए है। न्यूज 24 द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो पर कमेंट करते हुए सोनू सूद ने लिखा, 'आप उनका नंबर भेजिए, हम उनके लिए बैल की व्यवस्था करवाएंगे।'
वहीं बुजुर्ग दंपत्ति की मदद के लिए स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। प्रशासन बुजुर्ग दंपत्ति के पास मदद के लिए पहुंचा। लातूर के तालुका कृषि अधिकारी सचिन बावगे ने बताया कि अंबादास पवार के पास 4 बीघा जमीन है, जो सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर है। हमारे अधिकारियों की टीम ने दौरा किया और पाया कि उनके पास आवश्यक उपकरणों की कमी है। इसलिए, हमने उन्हें कृषि विभाग में रियायती दरों पर उपलब्ध सभी उपकरणों के बारे में बताया।
अधिकारी ने बताया कि उनके पास कृषि पहचान पत्र नहीं था और इसलिए संयुक्त कृषि अधिकारी ने पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू की। जल्द ही, उन्हें विभाग से एक ट्रैक्टर और 1.25 लाख रुपये सहित सभी उपकरण मिलेंगे, क्योंकि सरकारी प्रावधान के अनुसार 5 बीघा से कम जमीन वालों के लिए यह अनिवार्य है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है।

