तिहाड़ जेल से बाहर आते ही राजपाल यादव की डिमांड, जेल में बने स्मोकिंग जोन
बॉलीवुड के फेमस कॉमेडी अभिनेता राजपाल यादव ने 11 दिन जेल में बिताने के बाद बाहर आ गए हैं। अभिनेता को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है। तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों और फैंस का आभार जताया।
इसके साथ ही राजपाल यादव ने जेल प्रशासन और सरकार के सामने एक ऐसी मांग रख दी, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। जेल से रिहा होने के बाद अपने पैतृक गांव शाहजहांपुर पहुंचे राजपाल यादव ने पीटीआई संग अपने जेल के अनुभव के बारे में बात की।
इस दौरान राजपाल यादव ने सुझाव दिया कि जेलों में भी रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की तर्ज पर निर्धारित स्मोकिंग एरिया होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह तंबाकू सेवन को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं, बल्कि अपनी आदत का जिक्र करते हुए एक मानवीय पहलू सामने रख रहे हैं।
राजपाल यादव ने कहा, मेरे लिए जेल एक चिंतन शिविर जैसा रहा है। जिस तरह देश की हर व्यवस्था अपग्रेड हो रही है, वैसे ही जेलों को भी आधुनिक बनाना चाहिए। जेलों को केवल सजा देने की जगह नहीं, बल्कि सुधार केंद्र के रूप में काम करना चाहिए, जहां कैदियों को खुद को बदलने और सुधारने के अवसर मिलें।
उन्होंने कहा, जेलों में स्मोकिंग जोन बनाया जाना चाहिए। हम स्मोकिंग को प्रमोट नहीं कर रहे हैं। लेकिन जब देश में इसकी बिक्री होती है और इसका कारोबार चलता है तो जेल और सुधार गृहों में इसके लिए भी अलग जगह होनी चाहिए। हम खुद भी धूम्रपान के शिकार हैं, छोड़ने की बहुत कोशिश कर रहे हैं।
किस मामले में गए थे जेल
राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में पिछले सप्ताह जेल भेजा गया था, जब हाई कोर्ट ने बकाया राशि चुकाने के लिए और समय देने से इनकार कर दिया था। उन पर करीब 9 करोड़ रुपये की देनदारी है। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को उनकी सजा को 18 मार्च तक के लिए निलंबित कर दिया, जिसके बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी। अदालत ने यह फैसला तब दिया जब यादव ने शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कराए।
इंडस्ट्री से मिला साथ
जेल में आत्मसमर्पण के बाद राजपाल यादव को फिल्म इंडस्ट्री से खूब सहयोग मिला। सोनू सूद, गुरमीत चौधरी और संगीतकार राव इंदरजीत यादव ने उनके परिवार को आर्थिक मदद की पेशकश की और अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील की।