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सोनाली बेंद्रे ने की 'राख' में अपने इमोशनल रोल के बारे में बात, साझा किया अनुभव

Updated: बुधवार, 17 जून 2026 (15:27 IST)
कुछ किरदार इस बात से नहीं पहचाने जाते कि वे क्या कहते हैं, बल्कि उससे पहचाने जाते हैं जो वे खामोशी में समेटे रहते हैं। अपनी रिलीज के बाद से ही, प्राइम ओरिजिनल सीरीज 'राख' अपनी गहराई से भरी इमोशनल कहानी और दमदार परफॉर्मेंस के लिए दर्शकों के दिलों को छू रही है।
 
सीरीज में सोनाली बेंद्रे द्वारा निभाया गया 'मोना अरोड़ा' का किरदार शो के सबसे बेहतरीन एलिमेंट्स में से एक बनकर उभरा है, जिसे अपनी गहराई, संवेदनशीलता और इमोशनल ईमानदारी के लिए हर तरफ से तारीफें मिल रही हैं। एक्ट्रेस ने खुलकर बात की कि किस वजह से वे इस रोल की तरफ अट्रैक्ट हुईं और कैसे इस एक्सपीरियंस ने उन कहानियों को देखने का उनका नजरिया बदल दिया जिन्हें वे आगे एक्सप्लोर करना चाहती हैं। 

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सोनाली ने मोना के सफर को परिभाषित करने वाले दुख, लचीलेपन और इंसानी जज्बातों की कई परतों को पर्दे पर जिंदा करने को लेकर अपने विचार शेयर किए। ​प्रोसित रॉय, अनुषा नंदाकुमार और संदीप साकेत के साथ अपने पहले नरेशन को याद करते हुए सोनाली कहती हैं, इस कहानी में एक ऐसी संवेदनशीलता और इमोशनल ईमानदारी थी जो बिल्कुल अलग महसूस हुई। यह दुख या दर्द को आसान करने के पक्ष में नहीं थी। इसने उन जज्बातों को उनकी पूरी जटिलता के साथ जीने की जगह दी, और यही वो चीज थी जिसका मैं हिस्सा बनना चाहती थी। 
 
उन्होंने कहा, बतौर एक्टर्स, हमसे अक्सर उन इमोशंस को दिखाने के लिए कहा जाता है जिनसे दर्शक पहले से वाकिफ हैं। चुनौती उन बारीकियों को खोजने की होती है जो किसी किरदार के एक्सपीरियंस को उसके लिए खास बनाती हैं। मोना के साथ, मेरा ध्यान इस बात को समझने पर था कि किस चीज ने उसके दुख को बिल्कुल अलग बनाया, न कि इसे ऐसे पेश करने पर जो जाना-पहचाना या प्रेडिक्टेबल लगे।

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​आज के दौर में वे जिस तरह की कहानियों और किरदारों की तरफ अट्रैक्ट हो रही हैं, उस बदलाव पर बात करते हुए वे कहती हैं, राख ने निश्चित रूप से उन कहानियों के दायरे को बढ़ा दिया है जिनकी तरफ मैं आज आकर्षित होती हूं। इस एक्सपीरियंस ने मुझे याद दिलाया कि कुछ सबसे मीनिंगफुल कहानियाँ अक्सर वही होती हैं जो हमें असहज करने वाले इमोशंस से भागने के बजाय उनके साथ ठहरने के लिए कहती हैं। 
 
सोनाली ने कहा, मोना के बारे में जिस चीज ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वो यह थी कि उसका दुख किसी एक इमोशनल दायरे में नहीं बंधा है। यह खामोशी, गुस्से, इनकार, लचीलेपन और कभी-कभी नॉर्मल पलों के रूप में भी सामने आता है। असल जिंदगी में लोग अक्सर इसी तरह किसी नुकसान या दुख का सामना करते हैं।
 
​अली फजल, सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर जैसे बेहतरीन कलाकारों से सजी 'राख' को प्रोसित रॉय ने डायरेक्ट और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूस किया है, और इसे अनुषा नंदाकुमार व संदीप साकेत द्वारा क्रिएट, राइट और को-डायरेक्ट किया गया है। 'भाडीपा' के सहयोग से 'एंडेमॉल शाइन इंडिया' द्वारा प्रोड्यूस की गई यह सीरीज अब भारत और दुनिया भर के 240 से ज्यादा देशों और टेरिटरीज में एक्सक्लूसिव तौर पर प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है।
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