अमोल पाराशर और आकांक्षा रंजन ने बताए 'ग्राम चिकित्सालय' के नए सीजन के बड़े बदलाव
'ग्राम चिकित्सालय' यह सीरीज गांव की मिट्टी की खुशबू लिए अमेज़न प्राइम पर दिखाई गई। इसमें चिकित्सालय यानी हॉस्पिटल में होने वाली छोटी बड़ी कहानियों को लोगों के सामने रखा गया। इसे दर्शकों ने पसंद भी किया। अब इसी का सीजन 2 लाया जा रहा है जिसमें कलाकार अमोल पाराशर और आकांक्षा रंजन है। इसी सीरीज के प्रमोशन इंटरव्यू के दौरान सीरीज के कलाकारों ने मीडिया से बातचीत की।
सीजन 2 का कोई प्रेशर
अमोल पाराशर - जब किसी सीरीज का सीजन टू आ रहा है तो यह समझ लेना चाहिए कि सीजन वन अच्छा खासा चला है। लोगों ने इसे बहुत पसंद किया है और इसीलिए प्रोडक्शन हाउस ने यह तय किया है कि इसका सीजन 2 लाया जाए। मुझे भी कई लोगों ने इसकी तारीफ की है। अच्छा लगता है लेकिन जहां तक बात है जिम्मेदारी की, ऐसे में मैं यह कहूंगा कि फिल्म मेकर्स निर्देशक और लेखक की जिम्मेदारियां बहुत बढ़ गई हैं।
बतौर एक्टर मेरी जिम्मेदारी बड़ी नहीं निश्चित तौर पर कंधो पर इसकी जिम्मेदारी है लेकिन इसकी वजह से कोई तनाव में कोई प्रश्न महसूस नहीं होता है। हमें तो बस काम करना है। वैसे भी प्रोडक्शन हाउस द वायरल फीवर यह पहली सीरीज नहीं है। जब उनके किसी सीरीज का नया सीजन आ रहा हो, वह तो मंजे हुए खिलाड़ी है। उनको मालूम है कैसे क्या लिखना है क्या दर्शकों को बताना और कितना दर्शकों को बताना है ताकि लोगों की रूचि उसमें बनी रहे।
अमोल ने कहा, मैं खुद ही अपने एक और सीरीज के तीन भाग निभा चुका हूं वायरल फीवर के साथ। अब यह बात सोचने वाली जरूर हो जाती है कि जब भी नया सीजन आए तब उसे कुछ इस तरीके से बनाया जाए कि वह आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे। अपने पुराने सीरियल से एकदम अलग थलग ना हो। मुझे लगता है। हमारे प्रोडक्शन हाउस के मामले में पूरी जानकारी है।
आकांक्षा रंजन- मेरी भी यही सोच है। बहुत अच्छी बात है कि मैं इस सीरीज का हिस्सा हूं। सच कहूं तो अभी तक हम सारे ही लोगों को अपने अपने कैरेक्टर से प्यार हो गया है। हम तो सिर्फ कैरेक्टर निभाते निभाते मजे कर रहे हैं और कुछ नहीं।
जहां तक बात है लेखक और निर्देशक की तो उन्होंने बहुत सोच समझ कर आगे का सीजन लिखा है। मुझे भी मालूम पड़ा कि जिन लोगों को सीरीज में कुछ चीजें पसंद नहीं आई, उनसे फीडबैक लिए गए और उसके आधार पर नए सीजन को लिखा गया।
जब आप ऐसे शूट कर रहे थे। आपको लगा था कि यह सीरीज अच्छी निकल जाएगी।
आकांक्षा रंजन- मैं अपनी बात कहूं तो मुझे लगा था वरना मैं साइन ही नहीं करती। मैंने सबसे पहले तो यह देखा कि प्रोडक्शन हाउस कौन सा है तो मेकर्स जो है द वायरल फीवर था तो मैंने कभी अच्छा ही होगा। उसके बाद फिर जिस तरीके से मुझे स्क्रिप्ट बताई गई डिटेल्स दी गई। मुझे लगा कि हां, यह कुछ तो अलग शो होने वाला है। फिर धीरे-धीरे जैसे शूट के दौरान एक एक चीज है और एक एक परत खुलती गई। मैं समझ गई कि यह बहुत अच्छा सो जाने वाला है। वो कहते हैं ना एक गुड जोन वाला शो रहेगा यह।
अमोल पाराशर- यह कहना मुश्किल है कि कोई सोहर रहेगा या फ्लॉप रहेगा? लेकिन इस शो की बात कहूं तो अगर किसी भी सीरीज का दूसरा भाग बन रहा है। इसका मतलब ही यह है कि शो हिट रहा है और आगे भी लोगों को पसंद आएगा। अब किसी ने मुझे यह वादा तो नहीं किया है कि यह सब अच्छा ही होगा लेकिन काम करते-करते आपको समझ में आने लग जाता है कि सही ट्रैक पर है। अच्छा ही बन जाएगा।
इसमें तो एक और बात मैं भी बोल सकता हूं कि आमतौर पर होता यह है कि सीजन का जो अगला भाग है वह हमने सीजन वन खत्म करते-करते तय कर लिया था।शायद एक महीने के अंदर ये बात पुख्ता हो कर हमारे सामने थी। मुझे प्रोडक्शन हाउस ने बता दिया था। इसका सीजन 2 हम लेकर आने वाले हैं वरना आमतौर पर किसी भी अच्छी सीरीज का अगला सीजन लाने में दो-तीन साल भी लग सकते हैं। यह तो बहुत ही जल्द बन गया था। ग्राम पंचायत में आप?

कई बार अंधेरे में मुझे कुछ नए कलाकार दिख जाते हैं। वह बोलते हैं कि देखिए 3 महीना हो गया। मेरा कोई काम नहीं हो रहा है। मैं क्या करूं? तब मैं मन में कहता हूं। इतना जल्दी कुछ होने भी नहीं बना लेकिन उनसे ऐसा नहीं बोल सकता हूं। फिर उनसे मैं पूछता हूं कि पहली बार कब मुझे ऐसा देखा था जो तुम्हें लगा कि इसने अपना काम जमा लिया है। जवाब आता है ट्रिपलिंग। तब मैं उन्हें कहता हूं कि ट्रिपलिंग 2016 में आया था और मैं मुंबई में 2008 से हूं। 