बिग बॉस 14 : पुराने घोड़ों पर दांव लगा कर रेस जीतने की उम्मीद!

समय ताम्रकर| Last Updated: सोमवार, 7 दिसंबर 2020 (12:35 IST)
के मेकर्स ने भी यह बात मान ली है कि उनके घोड़ों (कंटेस्टेंट्स) में ही इतना दम नहीं है कि लोग इस शो को देखें, इस कारण शो की टीआरपी लगातार नीचे की ओर आ रही थी इसलिए उन्होंने पिछले आठ-दस दिन में अपने ज्यादातर कंटेस्टंट्स को बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब सिर्फ चार लोग बचे हैं, रूबीना, अभिनव, एजाज और जैस्मिन।

शो के होस्ट खुद सलमान खान ने भी बार-बार प्रतियोगियों से कहा कि इस बार शो में मजा नहीं आ रहा है। लोग सिर्फ वीकेंड पर सलमान को देखने ही आते हैं। बिग बॉस में जो झगड़े हैं, विवाद हैं, मनोरंजन है वो मसाला नहीं मिल रहा है, लेकिन उन लोगों के कानों पर जूं नहीं रेंगी।


बिग बॉस शो का एक विशेष दर्शक है जो इस तरह के मसाले देखना पसंद करता है, लेकिन उसे पेट पर खुराक नहीं मिल रही थी। शो की शुरुआत में सिद्धार्थ शुक्ला, गौहर खान और हिना खान जैसे सितारों का टेका लगाया गया, लेकिन उनके जाते ही शो की टीआरपी धड़ाम हो गई। अब एक बार फिर पुराने 'घोड़ों' को बुलाया गया है ताकि वे शो में वो लहर पैदा कर सकें जिसके लिए यह शो जाना जाता है।

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विकास गुप्ता, राखी सावंत, कश्मीरा शाह, राहुल महाजन, और मनु पंजाबी को फिर बुलाया गया है। विकास गुप्ता को 'मास्टरमाइंड' कहा जाता है और उनसे नए दांवपेंचों की उम्मीद है। बड़बोलापन और द्विअर्थी संवादों के लिए जानी जाती हैं। से कुछ तड़कों की उम्मीद है। अर्शी खान की अदाएं अभी भी जारी हैं। राहुल महाजन की हंसी मशहूर है। मनु पंजाबी संख्या ब ढ़ाने के लिए आए हैं। इन पुराने खिलाड़ियों से बासी कढ़ी में उबाल लाने की कोशिश की गई है और इससे साफ हुआ है कि बिग बॉस वालों के सामने दमदार नए चेहरों का टोटा पड़ गया है और ओल्ड इज़ गोल्ड का सहारा उन्हें लेना पड़ रहा है।



राखी सावंत की अश्लीलता जारी है और वीकेंड का वॉर में जिस तरह से उन्होंने कुछ बातें बोली हैं उससे यह बात स्पष्ट हो गई है कि आने वाले दिनों में शो में अश्लीलता नजर आए। झगड़ों का स्तर गिर जाए। वो बातें फिर सामने आए जिसके लिए यह शो जाना जाता है, लेकिन क्या इन पुराने चेहरों से दर्शक बोर नहीं हो गए हैं? वे इन पुराने खिलाड़ियों की नस-नस से वाकिफ हैं कि ये कब क्या कदम उठाएंगे।
कुल मिलाकर बिग बॉस 14 गाड़ी इस तरह बेपटरी हुई है कि पटरी पर लाने की सारी कोशिशें विफल हो रही हैं। अब इन पुराने 'घोड़ों' से उम्मीद है कि वे न केवल गाड़ी को पटरी पर लाएंगे बल्कि रेस भी जितवाएंगे।



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