चिराग पासवान को पसंद नहीं नीतीश का साथ, बिहार में LJP अकेले लड़ेगी चुनाव

Last Updated: रविवार, 4 अक्टूबर 2020 (20:01 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को ऑफर की गई सीटों को लेकर बैचेनी के बीच पार्टी के प्रमुख ने रविवार को कहा है कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव के नेतृत्व में नहीं लड़ेगी।
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खबरों के अनुसार की संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया गया है कि नीतीश के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रमुख चिराग पासवान ने पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद विक्ट्री साइन दिखाया।

बहरहाल, पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान की अध्यक्षता में हुई लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में भाजपा के साथ गठबंधन के पक्ष में एक प्रस्ताव पारित किया गया और कहा गया कि उसके विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ मजबूत करने का काम करेंगे।

भाजपा पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि राजग नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरेगा। बैठक के बाद लोजपा के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल खालिक ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में मौजूद जद (यू) से वैचारिक मतभेदों के कारण बिहार में लोजपा ने गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर तथा लोकसभा चुनाव में लोजपा का भाजपा के साथ मजबूत गठबंधन है और वह आगे भी कायम रहेगा।
बिहार में 28 अक्टूबर से 3 चरणों में होने वाले चुनाव में पार्टी के उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए शाम को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होनी है।
पार्टी प्रवक्‍ता अशरफ अंसारी ने लोजपा और भाजपा में किसी तरह की कटुता से इंकार किया और कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद लोजपा के विधायक मणिपुर की तर्ज पर बिहार में भाजपा को समर्थन देकर उसके नेतृत्व में सरकार बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि मणिपुर में भी भाजपा और लोजपा का चुनाव से पहले कोई गठबंधन नहीं था लेकिन चुनाव परिणाम के बाद दोनों पार्टियों ने मिलकर वहां सरकार बनाई।

गौरतलब है कि लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान पिछले काफी समय से बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर नीतीश कुमार के स्थान पर भाजपा के किसी नेता का नाम आगे करने की बात कहते आ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने नीतीश सरकार की कार्यशैली को लेकर भी कई बार खुलकर आलोचना की, जिसके कारण सीट बंटवारे पर लोजपा के साथ जदयू ने बातचीत करने से भी इंकार कर दिया था। गठबंधन की एकता के लिए कुमार ने लोजपा से बातचीत का जिम्मा भाजपा पर छोड़ दिया था।
इसके बाद सीट बंटवारे पर भाजपा नेताओं के साथ लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान की कई दौर की बातचीत हुई। बातचीत में भाजपा की ओर से 28 से 30 सीट लोजपा को दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया लेकिन लोजपा 42 से कम सीट मिलने पर भाजपा को छोड़कर जदयू के खिलाफ 143 सीट पर उम्मीदवार खड़ा करने पर अड़ गए।

इसी बीच नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना को भ्रष्टाचार का पिटारा बताए जाने के बाद ‘मोदी से बैर नहीं नीतीश तेरी खैर नहीं’ वाले वायरल पोस्टर ने के सब्र की बांध को तोड़ दिया ।

कुमार इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने भाजपा नेताओं को साफ शब्दों में कह दिया कि अब वह राजग में लोजपा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक कल ही दिल्ली में होने वाली थी लेकिन लोजपा के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत खराब होने के कारण उनके पुत्र और पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने उसे टाल दी थी।



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