Hanuman Chalisa

बिहार चुनाव में कांग्रेस चाहती है वाम दलों का साथ, राजद को हिचकिचाहट

Updated: रविवार, 27 सितम्बर 2020 (14:57 IST)
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar assembly election) की तिथियों की घोषणा होने के बाद भी महागठबंधन में सीटों के तालमेल पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है और अब वाम दलों को लेकर नया पेंच फंस गया है।
 
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस वामपंथी पार्टियों को साथ लेने की पुरजोर पैरवी कर रही है तो महागठबंधन का सबसे बड़ा घटक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) हिचकिचाहट दिखा रहा है क्योंकि वह भाकपा-माले, भाकपा एवं माकपा को उनकी मांग के मुताबिक सीटें देने को तैयार नहीं है।
 
सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन के घटक दलों के साथ बातचीत की प्रकिया में शामिल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो जीतन राम मांझी के अलग होने और राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (RLSP) के नेता उपेंद्र कुशवाहा के भी अलग राह पकड़ने के अंदेशे को देखते हुए कांग्रेस वाम दलों को विपक्षी गठबंधन में शामिल करने के पक्ष में है।
 
कांग्रेस नेता ने कहा कि छोटे दलों के साथ सीटों पर फैसला नहीं होने के कारण सीट बंटवारे को अब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। हम चाहते हैं कि वाम दलों को भी साथ लिया जाए क्योंकि बिहार के कुछ इलाकों में उनका भी आधार है और वे वैचारिक रूप से भाजपा विरोधी हैं।
 
यह पूछे जाने पर कि क्या इसके लिए राजद तैयार नहीं है तो उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में वाम दलों के साथ जो संवाद हुआ, उसमें संभवत: उनकी तरफ से इतनी सीटें मांगी गईं जितना दे पाना राजद के लिए संभव नहीं है। राजद को इसी बात को लेकर हिचकिचाहट है। हालांकि हमारा कहना है कि सीटों को लेकर उनके साथ बैठकर चर्चा होगी तो बात बन जाएगी।
 
उल्लेखनीय है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में भाकपा-माले 98 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसे तीन सीटों पर जीत मिली थी, भाकपा 91 और माकपा 38 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन उन्हें कोई सीट नहीं मिली थी।
 
 
रालोसपा के अलग होने की अटकलों पर कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके साथ राजद को बातचीत करनी थी। पिछले लोकसभा चुनाव और उपचुनावों के आधार पर राजद नेताओं को लगता है कि कुशवाहा का वोट चुनाव में ट्रांसफर नहीं होता और ऐसे में उनके साथ रहने या नहीं रहने से फर्क नहीं पड़ने वाला है। ऐसे में राजद की तरफ से जो भी फैसला होगा, वो हमें भी स्वीकार्य होगा।
 
उधर, महागठबंधन में बिखराव के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि चुनाव के समय जब सीटों को लेकर बातचीत होती है तो कुछ नाराजगी देखने को मिलती है। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि बिहार के हित में समान विचारधारा वाले सभी दल महागठबंधन में एकजुट होंगे।
उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जल्द ही सीटों के तालमेल को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए 3 चरणों में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 10 नवंबर को होगी। (भाषा)

Show comments

Deepfake पर सरकार का बड़ा एक्शन, AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, गैरकानूनी सामग्री अब 3 घंटे में हटानी होगी, नए नियम जान लें वरना पछताएंगे

छोटे बेटे अबान की मौत के बाद क्या सामने आएगी शाइस्ता? 2023 से फरार है माफिया अतीक अहमद की पत्नी

AI फीचर्स वाला E3 Electric Trion इलेक्ट्रिक स्कूटर मचा देगा तहलका, 165km तक की रेंज, 8 साल की बैटरी वारंटी, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

Redmi का बड़ा धमाका, लांच किया सस्ता स्मार्टफोन, 8,000mAh बैटरी और 50MP कैमरा

ATF में इथेनॉल मिलाएगी सरकार! केजरीवाल के दावे पर क्या बोले उड्डयन मंत्री किंजरापु?

सभी देखें

Agni 4 Missile : भारत ने अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, 4,000 KM तक मारक क्षमता

Kanwar Yatra : कांवड़ यात्रा में नमो भारत की बढ़ी डिमांड, गाजियाबाद समेत कई स्टेशनों पर 50% तक बढ़ी यात्रियों की संख्या

गोरखपुर का 'मातृ सेवा' मॉडल बना जीवनरक्षक, हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के इलाज से बची 77 जिंदगियां

आगरा में यमुना किनारे बनेगा भव्य रिवर फ्रंट पार्क, 3.46 करोड़ रुपए खर्च करेगी योगी सरकार; मिलेंगी ये खास सुविधाएं

Mohan Bhagwat : Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करूंगा, छात्रों के प्रदर्शन को राष्ट्रविरोधी न बताएं, RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, चीन और पाकिस्तान को लेकर क्या कहा

अगला लेख