Inside story: चिराग पासवान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी से अकेले पड़े नीतीश

अब तक अपनी 6 रैलियों में पीएम मोदी ने चिराग पासवान पर एक शब्द नहीं बोला

Author विकास सिंह| Last Updated: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2020 (10:40 IST)
बिहार में पहले चरण में 71 सीटों पर करीब 55 फीसदी मतदान के बाद चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प होता दिखाई दे रही है। पहले चरण की वोटिंग के बाद महागठबंधन और एनडीए दोनों ही दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। नेताओं के जीत के दावे में कितना दम इस पता तो दस नवंबर को चलेगा जब नतीजें आएंगे लेकिन एक बात अब करीब-करीब साफ हो गई है कि बिहार में मुख्य लड़ाई एनडीए और महागठबंधन के बीच होने जा रही है।
चुनाव के पहले दौर में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव की सभाओं में उमड़ती भीड़ और मुख्यमंत्री का बार-बार चुनावी मंचों पर आपा खोना भी बहुत कुछ सियासी मूड का अहसास करा रहा है। विपक्षी दलों के साथ-साथ केंद्र में एनडीए की सहयोगी दल एलजेपी के नेता का लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर होना और चिराग को लेकर भाजपा के सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुप रहने ने नीतीश और उनकी पार्टी जेडीयू की मुसीबतें काफी बढ़ा दी है। चुनावी रण में विरोधियों के चौतरफा हमले से घिरे नीतीश कुमार अकेले एनडीए का किला बचाने के लड़ाई लड़ते हुए दिखाई दे रहे है।

बुधवार को बिहार में दूसरे दौर की चुनावी रैली करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीनों सभाओं में चिराग पासवान और उनकी पार्टी एलजेपी को लेकर कुछ भी नहीं बोलने से जहां जेडीयू के अंदरखाने बैचेनी देखी जा रही है वहीं बिहार की राजनीति के जानकार इसे चुनाव बाद की स्थिति से जोड़कर देख रहे है। में अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 6 चुनावी रैलियां कर चुके है लेकिन उनका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखे हमले करने वाले चिराग पासवान को लेकर एक शब्द भी नहीं बोलना जेडीयू के नेताओं को काफी अखर रहा है।

चिराग पासवान जो खुद को पीएम मोदी का हनुमान बता चुके है,उनकी पार्टी के उम्मीदवार जेडीयू के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरकर ‘मोदी तुझसे बैर नहीं, नीतीश तेरी खैर नहीं’ के नारे के साथ नीतीश को बड़ा झटका देने की कोशिश में जुटी है। वहीं आज चिराग पासवान ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए बयान पर नीतीश की चुप्पी को लेकर भी उन्हें घेरा है।

वहीं चुनाव में नीतीश को मुख्यमंत्री का चेहरा प्रोजेक्ट करने वाली भाजपा के चुनावी पोस्टरों और विज्ञापनों से भी नीतीश की तस्वीर भी नदारद दिखाई दे रही है। बिहार में भाजपा अब पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को सामने रखकर चुनाव लड़ रही है। इसके साथ ही खबर इस बात की भी सामने आ रही है कि जदयू के खिलाफ
लोजपा उम्मीदवार खड़े हैं,वहां संगठन के कार्यकर्ता लोजपा के लिए कैंपेन कर रहे है।
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बिहार की राजनीति के‌ जानकर कहते हैं कि अब तक के‌ चुनाव को‌ देखकर ‌यहीं कहा जा‌ सकता हैं कि इस बार भले ही जेडीयू और भाजपा एक साथ लड़ते हुए दिखाई दे रहे हो लेकिन अंदरखाने दोनों के बीच दिन-प्रतिदिन अविश्वास की एक खाई चौड़ी होती जा रही है। अब तक भाजपा के चुनावी प्रचार को देखा जाए तो उसका फोकस उन्हीं सीटों पर है जहां उसके प्रत्याशी खड़े हैं।



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