Hanuman Chalisa

Beauty Tips : चेहरे के खुले पोर्स को बंद करने के लिए अपनाएं यह उपाय

Updated: सोमवार, 20 जनवरी 2020 (16:25 IST)
चेहरे के रोमछिद्र, जिन्हें आप पोर्स कहते हैं, उनके आकार का बढ़ जाना या पोर्स ओपन होना त्वचा और सुंदरता के लिए हाकिनकारक हैं। खुले रोमछिद्रों में गंदगी जाने से त्वचा में पिंपल्स, मुंहासों के अलावा कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं जो आपकी प्राकृतिक खूबसूरती को चुरा लेती हैं। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए जानिए यह आसान सा उपाय - 
 
घर पर आसानी से एक प्रयोग करके आप अपने खुले रोमछिद्रों से राहत पा सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ दो चीजों की जरूरत होगी जिसमें एक है नारियल तेल, और दूसरा है नींबू का रस। इन दोनों का प्रयोग कर आप रोमछिद्रों को टाइट कर सकते हैं। लेकिन कैसे करना है, वह भी जान लीजिए- 
 
इसके लिए आपको एक बड़ा चम्मच एक्स्ट्रा वर्जिन नारियल का तेल लेना है और इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाना है। अब इसे अच्छी तरह से मिक्स कर लीजिए। इसका प्रयोग करने से पहले चेहरे को गुनगुने पानी और फेसवॉश से अच्छी तरह धो लें। चेहरा धोने के बाद आप इस मिश्रण को चहरे पर लगाकर दो से तीन मिनट तक अच्छी तरह से मसाज करें। अब कुछ देर मसाज करने के बाद गुनगुने पानी में भीगे तौलिये से चेहरे को अच्छी तरह से पोंछ लीजिए। 
 
सप्ताह में तीन से चार बार इस प्रयोग को करने पर आप खुद फर्क देखेंगे कि आपके चेहरे पर नजर आने वाले ओपन पोर्स सिकुड़ चुके हैं और त्वचा पहले से ज्यादा साफ, चिकनी और कसी हुई नजर आएगी।
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

कविता- तू ना हो तो...

भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?

लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

Azad Jayanti 2026: जयंती विशेष: चन्द्रशेखर आजाद के जीवन की ऐसी घटनाएं, जिन्हें हर युवा को जानना चाहिए

ब्रिटिश सरकार न सरस्वती प्रतिमा वापस करेगी, न कोहिनूर हीरा

अगला लेख