shradh paksha
✕

बलात्कार के बाद मैं कैसे हुई बेख़ौफ़...

Updated: गुरुवार, 4 अक्टूबर 2018 (11:34 IST)
बलात्कार की वारदातों पर जब मीडिया में लिखा जाता है, तो अक़्सर हिंसा का ब्योरा और इंसाफ़ की लड़ाई की चर्चा होती है।
 
समाज में उस लड़की की इज़्ज़त और उसकी शादी पर असर पड़ने का ज़िक्र भी होता है।
 
लेकिन हिंसा के दिल और दिमाग पर पड़नेवाले चोट की बात नहीं होती। जिसके चलते पीड़िता खुद को कमरे में क़ैद कर लेती है। बाहर निकलने से डरती है।
 
बलात्कार के बाद लोगों पर भरोसा टूटने, ज़हन में ख़ौफ़ के घर कर जाने और उस सबसे उबरने के संघर्ष की चर्चा नहीं होती।
 
हमने उत्तर प्रदेश के एक गांव में बलात्कार का शिकार हुई लड़की से बात कर यही समझने की कोशिश की।
जाना कि पांच साल में उसने अपने डर को कैसे मात दी? उसके लिए उसके पिता का साथ और 'रेड ब्रिगेड' संगठन चला रहीं समाज सेविका ऊषा के साथ गांव से निकलकर शहर आना कितना ज़रूरी था।
 
बलात्कार के बाद बैख़ौफ़ सड़क पर निकलना भर कितनी बड़ी चुनौती हो सकती है और उससे जीत पाने के लिए साहस कैसे जुटाया जाता है, यही बताती है इस लड़की की कहानी।
 
(रिपोटर- दिव्या आर्य, कैमरा/एडिटिंग– काशिफ़ सिद्दिकी)

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Jio Users के लिए बड़ा ऑफर, 12 महीने तक मुफ्त Canva Pro, ₹4,000 तक की बचत, जानें कौन उठा सकता है फायदा

5,000 का डिस्काउंट, 10,000mAh बैटरी और 3,500 निट्स डिस्प्ले, सस्ते स्मार्टफोन्स ने मचाया तहलका

iPhone 18 Pro vs iPhone 17 Pro : क्या नया है? डिजाइन, कैमरा, डिस्प्ले और कितना फर्क, जानिए पूरी डिटेल

iPhone Duo vs Galaxy Z Fold 8 : दोनों फोल्डेबल में कौन है ज्यादा दमदार? जानें फीचर्स और कीमत

अगला लेख