पीयूष गोयल के चलते आइंस्टीन-न्यूटन ट्विटर के टॉप ट्रेंड बने

पुनः संशोधित शुक्रवार, 13 सितम्बर 2019 (09:19 IST)
केंद्रीय रेल और वाणिज्य मंत्री अपने एक बयान की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जा रहे हैं। मौजूदा आर्थिक विकास दर को देखते हुए भारत 5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था कैसे बनेगा के सवाल पर पीयूष गोयल ने कहा कि हिसाब किताब में मत पड़िए।
 
उन्होंने कहा, 'आप उस हिसाब-किताब में मत पड़िए जो टीवी पर देखते हैं कि 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लिए देश को 12 प्रतिशत की रफ़्तार से बढ़ना होगा। आज यह 6 प्रतिशत की रफ़्तार से बढ़ रही है। ऐसे हिसाब किताब में मत पड़िए। ऐसे गणित से को गुरुत्वाकर्षण की खोज में मदद नहीं मिली। अगर आप बस बने बनाए फ़ार्मूलों और अतीत के ज्ञान से आगे बढ़ते तो मुझे नहीं लगता कि दुनिया में इतनी सारी खोज होती।'
 
गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत की खोज किसने की
दरअसल जिस गुरुत्वाकर्षण की खोज की बात पीयूष गोयल ने की, उस सिद्धांत की खोज ने की थी ना कि आइंस्टीन ने।
 
आइंस्टीन
अल्बर्ट आइंस्टीन जर्मनी में जन्में एक सैद्धांतिक भौतिकविद थे जिन्होंने सापेक्षता का सिद्धांत और प्रकाश की क्वांटम थ्योरी दी। उन्होंने द्रव्यमान और ऊर्जा के बीच एक समीकरण E = mc2 प्रमाणित किया। ये एक बहुत प्रचलित समीकरण है जिसका परमाणु ऊर्जा के लिए भी उपयोग हुआ। उन्हें 1921 में भौतिक विज्ञान में नोबल प्राइज से सम्मानित किया गया था।
 
अल्बर्ट आइंस्टीन 14 मार्च 1879 में जर्मनी के एक साधारण परिवार में जन्मे थे। उनके पिता बिजली के सामान का एक छोटा-सा कारखाना चलाते थे और मां घर संभालती थीं।
 
न्यूटन
वहीं, आइज़ैक न्यूटन इंग्लैंड के वैज्ञानिक थे। जिन्होंने गुरुत्वाकर्षण के नियम और गति के सिद्धांत की खोज की थी। गुरुत्वाकर्षण की खोज के लिए पेड़ से गिरते सेब से प्रेरणा लेने की कहानी मशहूर है। न्यूटन एक गणितज्ञ, भौतिक वैज्ञानिक और दार्शनिक थे। उनका जन्म 25 दिसंबर 1642 में हुआ था।
 
पीयूष गोयल के बयान पर सोशल मीडिया पर इतनी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं कि शाम होते होते भारत के ट्विटर ट्रेंड में आइंस्टीन पहले नंबर पर, पीयूष गोयल दूसरे नंबर पर तीसरे नंबर पर न्यूटन आ गए।
 
एक यूज़र ने एक मीम शेयर करते हुए लिखा है कि आइंस्टीन और न्यूटन के बीच फ़र्क़ तलाश रहे हैं पीयूष गोयल।
 
एक दूसरे यूज़र ने तो पीयूष गोयल को वैज्ञानिक ही बता दिया है।
 
हालांकि बाद में पीयूष गोयल ने सफ़ाई भी दी जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनकी बातचीत के संदर्भ के बजाए उसकी एक लाइन से बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है। उनकी इस सफ़ाई की भी सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है। एक यूज़र ने लिखा है कि सफ़ाई तो और भी ख़राब है।
 
बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटो सेक्टर में दिख रही मंदी के लिए युवाओं की सोच में बदलाव को ज़िम्मेदार बताया था, इसके लिए उन्हें भी सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
 
वित्त मंत्री ने अपने बयान में कहा था, 'ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर बीएस6 और लोगों की सोच में आए बदलाव का असर पड़ रहा है, लोग अब गाड़ी ख़रीदने की बजाय ओला या उबर को तरजीह दे रहे हैं।'

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