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Mon, 20 Jul 2026

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ब्रजेश कानूनगो
ब्रजेश कानूनगो जानेमाने कवि-साहित्यकार-व्यंग्यकार हैं। समाजसेवा से जुड़े हैं।
  • डाकिया डाक लाया...

    जब कोई अपना काम ठीक से नहीं कर पाए, तो उसका काम दूसरों को सौंप दिया जाना चाहिए, जो उसे कुशलता पूर्वक कर सके। अड़ियल और ...
  • लेखक से चुराइटर तक

    हमारी एक रचना चोरी होकर अन्य लेखक के नाम से कहीं और प्रकाशित हो गई, तो हमने अपना दर्द मित्र को बताया। इसपर उन्होंने ...
  • तालाब को सजा न सुनाएं

    यहां तालाब की जमीन पर अब नए न्यायालय भवन को बनाया जाना प्रस्तावित है। तालाब के बीच में रिटेनिंग वाल बनाई जा रही है। ...
  • मार्मिक कहानी : रिंगटोन

    समीर पुणे मे प्रबंधन की पढ़ाई कर रहा था। तब हमारे यहां टेलीफोन नहीं था। मोबाइल फोन भी किसी किसी के पास ही होता था। ले दे ...
  • मार्मिक कहानी : समाधि‍

    प्रलय ही आ गया था जैसे। किसी ने शायद ही कभी प्रलय देखा था, लेकिन हर कोई कह रहा था प्रलय आ गया है। जो बुजुर्ग थे बता रहे ...
  • पुराने शहर की यादों में बसी कहानी : घूंसा

    जब घर छोड़ा था तब सारे बाल काले थे। लगभग बीस बरस का अंतराल कम नहीं होता। जिस प्रकार मेरी देह और जुल्फों में बदलाव आया ...
  • पिता जो हूं....

    बचपन में लौटने के लिए पांच बरस की अपनी बेटी बन जाना चाहता हूं मैं मनोरंजन पार्क की हवा में लहराती नाव में बैठकर नीम की ...
  • फादर्स डे स्पेशल : टेलीफोन की घंटी

    पडोसी के घर में बज रही है घंटी शायद बेटे का फोन होगा टीवी की आवाज धीमी कर दी है पत्नी ने प्रेशर कुकर उतार लिया ...
  • फादर्स डे स्पेशल : पहेली

    वे थे मैं था सब था वे थे वे मैं मैं था सब था अलग अलग
  • नन्हा बच्चा बना रहा है एक चित्र

    अपने में ही डूबा नन्हा बच्चा बना रहा है एक चित्र इतना तल्लीन है कि स्पीकरों पर चीख रही चौपाइयां बाधा नहीं डाल ...
  • नक्शे में कैलिफोर्निया खोजता पिता

    चालीस डिग्री अक्षांश और एक सौ दस डिग्री देशांतर के बीच में यहां इधर,थोडा हटकर,बस यहीं यही है कैलिफोर्निया ज्यादा ...
  • कहानी : मस्ती टाइम

    लिली में काफी फूल आ गए थे। पानी देने के बाद नींबू के पौधे को सींचने लगा तो मेरे सामने वही सूखा गमला आ गया। यह वही गमला ...