Author Digambar Mahale 442.html

Fri, 16 Oct 2026

Notifications

national news
श्री डिगंबर महाले
अध्यक्ष,श्री मंगल ग्रह सेवा संस्था, अमलनेर, जलगांव, महाराष्ट्र

मंगल और शनि का त्रिकोण दृष्टि योग, 5 राशियों के लिए पराक्रम दिखाने का समय

मंगल और शनि का त्रिकोण दृष्टि योग, 5 राशियों के लिए पराक्रम दिखाने का समयवर्तमान में मंगल और शनि का त्रिकोण दृष्टि योग बना है। वैदिक और पश्चिमी दोनों ज्योतिषीय दृष्टियों से यह एक बेहद शुभ और संतुलित स्थिति मानी जाती है। मंगल कर्क में और शनी मीन में है। ज्योतिष में मंगल को साहस, ऊर्जा, भूमि और पराक्रम का कारक माना जाता है, जबकि शनि को कर्म, अनुशासन, न्याय और स्थायित्व का कारक माना जाता है। जब मंगल और शनि 120 डिग्री यानी शुभ त्रिकोण (Trine) कोण पर होते हैं, तो यह दोनों ग्रहों का एक अत्यंत दुर्लभ और अनुकूल समन्वय बनाता है। इस स्थिति में मंगल की गति और शनि का संतुलन मिलकर जातक को योजनाबद्ध सफलता दिलाते हैं। गोचर या कुंडली में इस त्रिकोण स्थिति का मुख्य रूप से अग्नि और वायु तत्व की राशियों पर विशेष शुभ प्रभाव पड़ता है-