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Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 जुलाई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय
आज आपका दिन मंगलमय हो!
Daily Muhurat 2026: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 18 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: भड़ली नवमी क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका धार्मिक महत्व, मान्यताएं और खास बातें
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
18 जुलाई 2026 का दैनिक पंचांग और शुभ मुहूर्त नीचे दिया गया है। इस दिन आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी/पंचमी तिथि है। सौर कैलेंडर के अनुसार आज से सौर श्रावण महीना (Solar Sawan) शुरू हो रहा है, जो दक्षिण भारत और सौर गणना मानने वाले क्षेत्रों में विशेष महत्व रखता है।
मुख्य पंचांग विवरण (18 जुलाई 2026, शनिवार)
विक्रम संवत: 2083 (राक्षस)
शक संवत: 1948 (कीलकर)
मास: आषाढ़ (चंद्रमास के अनुसार)
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्थी: सुबह 04:51 (18 जुलाई की सुबह) तक ही थी, अतः सूर्योदय के समय पंचमी तिथि चालू रहेगी जो अगले दिन (19 जुलाई) तड़के 02:59 तक चलेगी।
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शाम 05:22 तक, उसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र।
योग: वरीयान योग शाम 07:22 तक, उसके बाद परिघ योग।
करण: बव (शाम 03:53 तक), फिर बालव।
सूर्योदय: सुबह 05:34
सूर्यास्त: शाम 07:20
विशेष: सौर श्रावण मास का प्रारंभ।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शनिवार के दिन हनुमान जी और शनि देव की पूजा का विशेष विधान है। शुभ कार्यों के लिए आज के उत्तम मुहूर्त इस प्रकार हैं:
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:54 तक।
अमृत काल: सुबह 10:52 से दोपहर 12:28 तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:13 से 04:54 तक।
दिन का चौघड़िया (Shubh Choghadiya)
शुभ चौघड़िया: सुबह 07:17 से 09:00 तक
चर (सामान्य) चौघड़िया: दोपहर 12:27 से 02:10 तक
लाभ चौघड़िया: दोपहर 02:10 से 03:53 तक
अमृत चौघड़िया: शाम 03:53 से 05:37 तक
अशुभ समय (राहुकाल)
इस समय के दौरान नया व्यापार, गृह प्रवेश या कोई भी शुभ काम शुरू करने से बचना चाहिए:
राहुकाल: सुबह 09:00 से 10:44 तक।
यमगण्ड: दोपहर 02:10 से 03:53 तक।
दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल होता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना बहुत आवश्यक हो, तो घर से अदरक या घी खाकर निकलें।
विशेष नोट: आज शनिवार के दिन पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। शनि दोष, ढैय्या या साढ़ेसाती से मुक्ति के लिए आज शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की चतुर्थी की देवी मां भुवनेश्वरी, जानिए पूजा विधि
