Hanuman Chalisa

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 जुलाई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

राजश्री कासलीवाल
बुधवार, 15 जुलाई 2026 (18:02 IST)

आज आपका दिन मंगलमय हो!

 
Today Shubh Muhurat 16 July 2026: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 16 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?
 
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
 
16 जुलाई 2026 का दैनिक पंचांग और शुभ मुहूर्त नीचे दिया गया है। इस दिन आषाढ़ शुक्ल द्वितीया/तृतीया तिथि है और सनातन परंपरा का बेहद पावन पर्व श्री जगन्नाथ रथयात्रा (ओडिशा, पुरी) भी इसी दिन से आरंभ हो रहा है।
 

मुख्य पंचांग विवरण (16 जुलाई 2026, गुरुवार)

विक्रम संवत: 2083 (राक्षस)
 
शक संवत: 1948 (कीलकर)
 
मास: आषाढ़
 
पक्ष: शुक्ल पक्ष
 
तिथि: * द्वितीया: सुबह 08:53 तक, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
 
नक्षत्र: आश्लेषा शाम 07:51 तक, उसके बाद मघा नक्षत्र।
 
योग: सिद्धि योग (अगले दिन तड़के 01:21 तक), उसके बाद व्यतीपात योग।
 
करण: कौलव (08:53 तक), फिर तैतिल।
 
सूर्योदय: सुबह 05:33
 
सूर्यास्त: शाम 07:21
 

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

यदि आप इस दिन कोई नया काम, पूजा-अनुष्ठान या यात्रा शुरू करना चाहते हैं, तो इन शुभ समयों का सदुपयोग कर सकते हैं:
 
अभिजित मुहूर्त (सबसे श्रेष्ठ): दोपहर 11:33 से 12:21 तक।
 
अमृत काल: शाम 05:47 से 07:23 तक।
 
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:28 से 04:16 तक।
 

दिन का चौघड़िया (Shubh Choghadiya)

शुभ चौघड़िया: सुबह 05:32 से 07:16 तक
 
लाभ चौघड़िया: दोपहर 12:27 से 02:10 तक
 
अमृत चौघड़िया: दोपहर 02:10 से 03:54 तक
 
शुभ चौघड़िया (शाम): शाम 05:38 से 07:21 तक
 

अशुभ समय (राहुकाल)

इस समय के दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
 
राहुकाल: दोपहर 02:10 से 03:53 तक।
 
दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल होता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना बेहद ज़रूरी हो, तो घर से दही या घी खाकर निकलें।
 
विशेष नोट: आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के इस पावन दिन भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) के लिए रथ पर सवार होकर निकलते हैं। इस दिन रथयात्रा के दर्शन या भगवान विष्णु/कृष्ण की पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।ALSO READ: श्री जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़े 12 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

Show comments

मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र

Chaturmas 2026: चातुर्मास में क्या करना चाहिए? जानें पुण्य कमाने के तरीके

सूर्य का पुष्य नक्षत्र में गोचर: शनि के नक्षत्र में प्रवेश करते ही इन 5 राशियों की चमक सकती है किस्मत

कब है गुरु पूर्णिमा 2026 में? जानें तिथि, मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

सभी देखें

22 जुलाई 2026: आषाढ़ की भड़ली नवमी पर महा अबूझ मुहूर्त, इसके बाद 4 महीने तक थमेगी शहनाइयां

शुक्र का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर, किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क?

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की द्वितीय देवी माता तारा, जानिए पूजा विधि

Bhadli Navami 2026: भड़ली नवमी व्रत 2026 कब है?

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी?

अगला लेख