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Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 जुलाई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Image caption: A happy photo of Lord Ganesha, the remover of obstacles, with a message for the auspicious time of 2026

आज आपका दिन मंगलमय हो!

 
Today Shubh Muhurat 16 July 2026: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 16 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?
 
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
 
16 जुलाई 2026 का दैनिक पंचांग और शुभ मुहूर्त नीचे दिया गया है। इस दिन आषाढ़ शुक्ल द्वितीया/तृतीया तिथि है और सनातन परंपरा का बेहद पावन पर्व श्री जगन्नाथ रथयात्रा (ओडिशा, पुरी) भी इसी दिन से आरंभ हो रहा है।
 

मुख्य पंचांग विवरण (16 जुलाई 2026, गुरुवार)

विक्रम संवत: 2083 (राक्षस)
 
शक संवत: 1948 (कीलकर)
 
मास: आषाढ़
 
पक्ष: शुक्ल पक्ष
 
तिथि: * द्वितीया: सुबह 08:53 तक, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
 
नक्षत्र: आश्लेषा शाम 07:51 तक, उसके बाद मघा नक्षत्र।
 
योग: सिद्धि योग (अगले दिन तड़के 01:21 तक), उसके बाद व्यतीपात योग।
 
करण: कौलव (08:53 तक), फिर तैतिल।
 
सूर्योदय: सुबह 05:33
 
सूर्यास्त: शाम 07:21
 

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

यदि आप इस दिन कोई नया काम, पूजा-अनुष्ठान या यात्रा शुरू करना चाहते हैं, तो इन शुभ समयों का सदुपयोग कर सकते हैं:
 
अभिजित मुहूर्त (सबसे श्रेष्ठ): दोपहर 11:33 से 12:21 तक।
 
अमृत काल: शाम 05:47 से 07:23 तक।
 
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:28 से 04:16 तक।
 

दिन का चौघड़िया (Shubh Choghadiya)

शुभ चौघड़िया: सुबह 05:32 से 07:16 तक
 
लाभ चौघड़िया: दोपहर 12:27 से 02:10 तक
 
अमृत चौघड़िया: दोपहर 02:10 से 03:54 तक
 
शुभ चौघड़िया (शाम): शाम 05:38 से 07:21 तक
 

अशुभ समय (राहुकाल)

इस समय के दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
 
राहुकाल: दोपहर 02:10 से 03:53 तक।
 
दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल होता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना बेहद ज़रूरी हो, तो घर से दही या घी खाकर निकलें।
 
विशेष नोट: आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के इस पावन दिन भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) के लिए रथ पर सवार होकर निकलते हैं। इस दिन रथयात्रा के दर्शन या भगवान विष्णु/कृष्ण की पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।ALSO READ: श्री जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़े 12 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
लेखक के बारे में
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।  .... और पढ़ें