आज आपका दिन मंगलमय हो!
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
गुरुवार, 18 जून 2026 का दैनिक पंचांग और शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज शुद्ध ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। गुरुवार का दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए परम फलदायी माना जाता है। आज सुबह तक नक्षत्रों का राजा 'पुष्य नक्षत्र' भी विद्यमान रहेगा, जो इस दिन की शुभता को और बढ़ा रहा है।
आइए जानते हैं 18 जून 2026 का विस्तृत पंचांग, शुभ समय और राहुकाल की स्थिति:
आज का पंचांग: 18 जून 2026
विक्यूम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948 (परावभ)
महीना: शुद्ध ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष)
तिथि: तृतीया-चतुर्थी तिथि- शाम 06:41 तक (इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र- सुबह 10:14 तक (इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ)
योग: वज्र योग- सुबह 09:12 तक (इसके बाद सिद्धि योग)
करण: गर- सुबह 06:36 तक (इसके बाद वणिज करण शाम 06:41 तक)
सूर्योदय: सुबह 05:23 एएम
सूर्यास्त: शाम 07:21 पीएम
चंद्रराशि: कर्क राशि (दिन-रात)
विशेष नोट: आज गुरु पुष्य योग का प्रभाव रहेगा, जो कि खरीदारी और निवेश के लिए बहुत शुभ है। इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र शुरू होने के कारण गंडमूल दोष का प्रभाव रहेगा।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
यदि आप आज कोई नया व्यवसाय, सोने-चांदी की खरीदारी, धार्मिक अनुष्ठान या बड़ा वित्तीय लेन-देन करना चाहते हैं, तो इन शुभ समयों का लाभ उठा सकते हैं:
अभिजित मुहूर्त (दिन का सबसे श्रेष्ठ समय): दोपहर 11:54 से दोपहर 12:50 तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 से सुबह 04:42 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 से दोपहर 03:38 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:20 से शाम 07:41 तक।
अशुभ समय (राहुकाल और वर्जित समय)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय अवधि में किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसमें विघ्न आने की आशंका रहती है:
राहुकाल: दोपहर 02:07 से शाम 03:52 तक (गुरुवार को दोपहर के बाद राहुकाल होता है, इस दौरान शुभ कार्यों से बचें)।
यमगंड काल: सुबह 05:23 से सुबह 07:08 तक।
गुलिक काल: सुबह 08:53 से सुबह 10:38 तक।
दिशाशूल: दक्षिण दिशा (यदि आज इस दिशा में यात्रा करना बहुत आवश्यक हो, तो घर से दही या जीरा खाकर ही निकलें)।
आज का विशेष गुरुवार उपाय:
चूंकि आज शुद्ध ज्येष्ठ मास का गुरुवार है, इसलिए आज भगवान विष्णु और केले के वृक्ष की पूजा करें। उन्हें पीले फल, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें। माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं। इस उपाय से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
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