Hanuman Chalisa

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 12 जून 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
गुरुवार, 11 जून 2026 (18:07 IST)

आज आपका दिन मंगलमय हो!

 
12 June Muhurat : क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 12 जून, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन क्यों रहा शानदार, जानिए क्‍या कहता है अंक शास्त्र?
 
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
 
शुक्रवार, 12 जून 2026 का दैनिक पंचांग और शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी और सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र देव को समर्पित होता है। आज के दिन परमा एकादशी व्रत का पारण भी किया जाएगा।
 

आइए जानते हैं 12 जून 2026 का विस्तृत पंचांग, शुभ समय और राहुकाल की स्थिति:

 
आज का पंचांग: 12 जून 2026
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
 
शक संवत: 1948 (परावभ)
 
महीना: ज्येष्ठ अधिकमास (मलमास / पुरुषोत्तम मास)
 
पक्ष: कृष्ण पक्ष
 
तिथि: द्वादशी तिथि- रात 01:54 (13 जून) तक (इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)
 
नक्षत्र: भरणी नक्षत्र- सुबह 03:26 तक था (इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र लग चुका है)
 
योग: सुकर्मा योग- सुबह 07:34 तक (इसके बाद धृति योग)
 
करण: कौलव- दोपहर 01:21 तक (इसके बाद तैतिल)
 
सूर्योदय: सुबह 05:23 एएम
 
सूर्यास्त: शाम 07:19 पीएम
 
चंद्रराशि: मेष राशि- सुबह 09:15 तक, इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश।
 
विशेष नोट (एकादशी व्रत पारण): जिन श्रद्धालुओं ने पिछले दिन परमा एकादशी का व्रत रखा था, उनके लिए आज व्रत खोलने (पारण) का शुभ समय सुबह सूर्योदय के बाद से प्रारंभ हो जाएगा।
 

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

यदि आप आज कोई नया व्यापारिक सौदा, आभूषणों की खरीदारी, कीमती वस्तुओं का निवेश या कोई धार्मिक अनुष्ठान करना चाहते हैं, तो इन समयों का लाभ उठाएं:
 
अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 11:53 से दोपहर 12:49 तक।
 
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 से सुबह 04:42 तक।
 
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 से दोपहर 03:37 तक।
 
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:18 से शाम 07:39 तक।
 

अशुभ समय (राहुकाल और वर्जित समय)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय अवधि में किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए क्योंकि इस दौरान विघ्न आने की आशंका अधिक होती है:
 
राहुकाल: सुबह 10:37 से दोपहर 12:21 तक (शुक्रवार को इस समय कोई भी बड़ा लेन-देन या यात्रा शुरू न करें)।
 
यमगंड काल: दोपहर 03:50 से शाम 05:35 तक।
 
गुलिक काल: सुबह 07:07 से सुबह 08:52 तक।
 
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (यदि आज इस दिशा में यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से मीठी दही खाकर या थोड़ा सा गुड़ चखकर निकलें)।
 

आज का विशेष शुक्रवार उपाय:

चूंकि आज अधिकमास का शुक्रवार है, इसलिए आज शाम के समय माता लक्ष्मी और विष्णु जी के सम्मुख देशी घी का नौ बत्तियों वाला दीपक या सामान्य दीपक जलाएं। उन्हें मखाने की खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएं और 'श्री सूक्त' का पाठ करें। इस उपाय को करने से घर में अचल लक्ष्मी का वास होता है और आर्थिक तंगी हमेशा के लिए दूर होती है।ALSO READ: बुध का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-लाभ के बनेंगे प्रबल योग

Show comments

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक

सूर्य का कर्क राशि में गोचर: कर्क संक्रांति से देश, दुनिया और आपके जीवन पर क्या होगा असर?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

श्री जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़े 12 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

सभी देखें

Ashadhi Ekadashi Date 2026: आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

सूर्य का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश: शनि के नक्षत्र में गोचर से इन 4 राशियों पर मंडरा सकता है संकट

Parvati Jayanti 2026: पार्वती जयंती, जानिए क्या है इस दिन का महत्व और कथा

देवशयनी एकादशी कब है, क्या करते हैं इस दिन, जानिए महत्व

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की सातवीं देवी मां धूमावती, जानिए पूजा विधि

अगला लेख