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Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Updated: शुक्रवार, 29 मई 2026 (14:06 IST)

आज आपका दिन मंगलमय हो!

 
30 May 2026 Today Shubh Muhurat : क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 30 मई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: Weekly Horoscope May 25 to 31: साप्ताहिक राशिफल 2026, हर राशि के लिए क्या लेकर आ रहा है नया सप्ताह
 

आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।

 
आज 30 मई 2026, शनिवार का विस्तृत पंचांग और शुभ मुहूर्त नीचे दिया गया है। आज शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। आज ज्येष्ठ मास की चतुर्दशी तिथि मनाई जा रही है। आज पूर्णिमा व्रत का दिन है।
 

आज का पंचांग: 30 मई 2026

वार: शनिवार
 
तिथि: चतुर्दशी
 
पक्ष: शुक्ल पक्ष (पूर्णिमा तक)
 
नक्षत्र: विशाखा (रात 11:03 पीएम तक), उसके बाद अनुराधा
 
योग: परिघ (शाम 05:33 पीएम तक), उसके बाद शिव
 
करण: बालव (सुबह 06:55 एएम तक), उसके बाद कौलव
 
सूर्य राशि: वृषभ
 
चंद्र राशि: तुला (शाम 04:36 पीएम तक), उसके बाद वृश्चिक
 

शुभ और अशुभ समय

 
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 03:56 एएम से 04:40 एएम
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:53 एएम से दोपहर 12:49 पीएम
राहुकाल (अशुभ)- सुबह 08:52 एएम से 10:37 एएम
यमगंड (अशुभ)- दोपहर 02:03 पीएम से 03:47 पीएम
गुलिक काल- सुबह 05:24 एएम से 07:08 एएम

 

आज का विशेष और उपाय

 
शनि देव की पूजा: आज शनिवार है और चंद्रमा शाम को वृश्चिक राशि (शनि की ढैया वाली राशि) में प्रवेश करेंगे। आज शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना और 'शनि चालीसा' का पाठ करना मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति दिलाएगा।
 
विशाखा नक्षत्र: रात 11:03 तक विशाखा नक्षत्र रहेगा। यह नक्षत्र धैर्य और लक्ष्य प्राप्ति के लिए जाना जाता है। इस दौरान किए गए व्यापारिक निर्णय भविष्य में लाभदायक हो सकते हैं।
 
अभिजीत मुहूर्त: किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए दोपहर 11:53 से 12:49 के बीच का समय सबसे प्रभावशाली और शुभ है।
 
सावधानी: सुबह 08:52 से 10:37 के बीच राहुकाल रहेगा। इस काल में किसी भी नए प्रोजेक्ट की नींव न रखें और न ही लंबी दूरी की यात्रा शुरू करें।ALSO READ: Vat Savitri Purnima 2026: वट सावित्री पूर्णिमा व्रत का महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

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