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लग गया है 'राज पंचक', संपत्ति और सरकारी कामों में देता है सफलता, शुभ फल चाहिए तो करें यह उपाय

Updated: मंगलवार, 5 मार्च 2019 (13:19 IST)
* राज पंचक क्यों माना गया है शुभ, जानिए क्या करें उपाय

 
मार्च 2019 में सोमवार रात्रि से 'राज पंचक' शुरू हो चुका है। सोमवार रात लगभग 1.54 मिनट से शुरू हुआ यह पंचक काल शनिवार, 9 मार्च की रात्रि लगभग 11.48 मिनट तक जारी रहेगा।
 
शास्त्रों के अनुसार सोमवार को शुरू होने वाला पंचक राज पंचक कहलाता है और यह पंचक काल शुभ माना जाता है। इसके प्रभाव से पंचक के 5 दिनों में संपत्ति से जुड़े मामलों तथा सरकारी कामों में सफलता मिलती है। माना जाता है कि राज पंचक में संपत्ति से जुड़े काम करना भी शुभ रहता है। ऐसा कई ज्योतिषियों का मत है। 
 
ज्ञात हो कि ज्योतिष शास्त्र में पंचक को शुभ नहीं माना जाता है। इस समय किए गए कार्य अशुभ और हानिकारक फल देते हैं, ऐसा माना जाता हैं। अत: इस नक्षत्र का योग अशुभ माना जाता है। पंचक काल के इन 5 दिनों में विशेष संभलकर रहने की आवश्यकता होती है, इसीलिए पंचक के दौरान कोई भी, किसी भी तरह का जोखिमभरा कार्य करने से बचना चाहिए, ऐसा माना जाता है।
 
सोमवार से शुरू हुए पंचक के दिनों में औजारों की खरीददारी, निर्माण कार्य आदि करने की भी शास्त्रों में मनाही हैं। वैसे तो सोमवार के दिन पंचक आने के कारण यह पंचक कई दृष्‍टि से शुभ भी माना जाता है। पंचक के समय में पूजा-पाठ और धर्म-ध्यान में व्यतीत करना चाहिए। 
 
पंचक काल के दौरान अगर आप कुछ विशेष काम करना चाहते हैं तो निम्न उपायों को करने के बाद आप अपना कार्य कर सकते हैं।
 
पंचक के दिनों में नीचे दिए गए उपाय आजमा कर आप कुछ विशेष कार्य संपन्न कर सकते हैं। आइए जानें...
 
* अगर घर में शादी का शुभ समय आ गया है और समय की कमी है तब लकड़ी का सामान खरीदना जरूरी हो तो गायत्री हवन करवा कर लकड़ी का फर्नीचर, पलंग तथा अन्य वस्तुएं की खरीदारी कर सकते हैं।
 
* अगर इन दिनों घर के मकान की छत डलवाना जरूरी हो तो पहले मजदूरों को मिठाई खिलाएं, उसके उपरांत ही छत डलवाने का कार्य शुरू करें। 
 
* पंचक में अगर ईंधन इकट्ठा करना जरूरी हो तो पंचमुखी दीपक (आटे से निर्मित, तेल से भरकर) शिवजी के मंदिर में जलाएं, उसके बाद ईंधन खरीदें।
 
* अगर किसी कारणवश पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करना ही पड़ें तो हनुमान मंदिर में 5 फल चढ़ाकर यात्रा शुरू करें।
 
* किसी रिश्तेदारी में शव दहन का समय हो या घर में अचानक किसी की मृत्यु हो गई हो तो पंचक होने के कारण शव दहन के समय 5 अलग पुतले बनाकर उन्हें अवश्य जलाएं। तत्पश्चात दाह संस्कार करें। 
 
इस तरह के उपाय करने से पंचक में मिलने वाले अशुभ फलों में कमी आती है तथा आप आनेवाले संकटों से बच सकते हैं। 
 
- आरके

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