Hanuman Chalisa

Navtapa 2026 dates: कब से कब तक रहेगा नौतपा?

Updated: सोमवार, 25 मई 2026 (09:13 IST)
What is Nautapa in India: साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र और पंचांग के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब से नौतपा की शुरुआत होती है। इस दौरान अगले 9 दिनों तक सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे भीषण गर्मी और लू यानी Heat Wave का प्रकोप रहता है।ALSO READ: Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण
 
  • नौतपा क्या होता है?
  • नौतपा से जुड़ी कुछ खास बातें
  • कब होता है नौतपा?
  • नौतपा का गलना
  • नौतपा में क्या करें?

 

नौतपा क्या होता है?

भारतीय ज्योतिष शास्त्र, पंचांग और लोक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास में आने वाले नौ दिनों के उस विशेष कालखंड को 'नौतपा' या 'नवतपा' कहा जाता है, जिसमें पृथ्वी पर सबसे भीषण और प्रचंड गर्मी पड़ती है। 'नौतपा' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- 'नौ' यानी नौ दिन और 'तपा' यानी तपना। 
 

नौतपा से जुड़ी कुछ खास बातें

तारीख: 25 मई 2026 से 2 जून 2026 तक।
 
इस संबंध में माना जाता है कि यदि नौतपा के इन 9 दिनों में अच्छी और प्रचंड गर्मी पड़ती है, तो उस साल मानसून बहुत अच्छा रहता है और भरपूर बारिश होती है।
 

कब होता है नौतपा?

नौतपा आमतौर पर हर साल मई के आखिरी हफ्ते में शुरू होता है और जून के शुरुआती दिनों तक चलता है। जैसे इस साल 2026 में यह 25 मई से 2 जून तक जारी रहेगा।
 

नौतपा का गलना

इस संबंध में एक दिलचस्प बात यह भी हैं कि यदि इन 9 दिनों के बीच में बारिश या आंधी आ जाए और मौसम ठंडा हो जाए, तो इसे 'नौतपा का गलना' कहा जाता है। पुराने बुजुर्गों के अनुसार, नौतपा गलने से मानसून थोड़ा कमजोर पड़ जाता है।
 

नौतपा में क्या करें?

इस दौरान भीषण गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें, राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाएं और पशु-पक्षियों के लिए छत या आंगन में पानी की व्यवस्था जरूर करें। साथ ही विशेष रूप से जल, मिट्टी के घड़े, सत्तू, और मौसमी फलों का दान करते हैं।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: रोहिणी लगना और नौतपा लगने में क्या है अंतर, क्या है इसका विज्ञान

लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक

सूर्य का कर्क राशि में गोचर: कर्क संक्रांति से देश, दुनिया और आपके जीवन पर क्या होगा असर?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

श्री जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़े 12 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

सभी देखें

शनि वक्री होकर रेवती नक्षत्र में, क्या भारत में आने वाला है कोई बड़ा संकट? ज्योतिषीय संकेतों से जानें

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नौवीं देवी मां मातंगी, जानिए पूजा विधि

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 जुलाई, 2026)

22 July Birthday: आपको 22 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 जुलाई 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख