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Kharmas 2026: खरमास में करें 5 उपाय, पितरों को मिलेगी शांति

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 (09:45 IST)
Kharmas benefits of worship: खरमास कृष्ण पक्ष के एक माह का खास समय होता है, जब इसमें कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं, जो पितरों की शांति के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इस बार 15 मार्च 2026 से सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास प्रारंभ हो चुका है, जो कि लगभग 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा अर्थात् सूर्य का मेष राशि में प्रवेश होने तक खरमास जारी रहेगा।ALSO READ: रामनवमी 2026: श्रीराम के 5 प्रमुख मंत्र, जाप करने से मिलेगा सबकुछ

 

यहां खरमास में करने योग्य 5 उपाय दिए गए हैं, जो इस समय में पितरों को शांति देने में मदद कर सकते हैं:

 

1. पितृ तर्पण करें:

खरमास के दौरान पितृ तर्पण करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। आप घर के पूजा स्थल पर जाकर पितरों का तर्पण करें। तर्पण के लिए जल, काले तिल और कुशा घास का उपयोग किया जाता है। यह उपाय पितरों की शांति के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
 

2. भोजन का दान करें:

इस समय में किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन का दान करना पितरों के प्रति कृतज्ञता को दर्शाता है। इसके साथ ही इस दान के द्वारा पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। विशेष रूप से ब्राह्मणों को भोजन दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है।ALSO READ: Malmas vs Kharmas: वर्ष में 2 बार क्यों आता है मलमास या खरमास, क्या होता है यह
 

3. वृक्षारोपण करें:

खरमास में वृक्षारोपण करना भी एक अच्छा उपाय है। यह न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी होता है, बल्कि इसे पितरों के प्रति श्रद्धा के रूप में भी देखा जाता है। विशेष रूप से पीपल, बरगद या आम के वृक्ष लगाने से पितरों को शांति मिलती है।
 

4. गंगाजल का छिड़काव करें:

घर के विभिन्न स्थानों पर गंगाजल का छिड़काव करें। गंगाजल पवित्र माना जाता है और यह पितरों की आत्मा को शांति देने में मदद करता है। इसे घर के आंगन, पूजा स्थल और मुख्य द्वार पर छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पितरों को तृप्ति मिलती है।
 

5. पितृ पूजन और व्रत करें:

खरमास के दौरान पितृ पूजन का आयोजन करें। आप 'पितृ द्वादशी', 'महालय अमावस्या' या किसी अन्य उपयुक्त तिथियों पर पितृ पूजन कर सकते हैं। इसमें खासकर पितरों के नाम से दीपक जलाना और तर्पण अर्पित करना अत्यधिक फलदायी माना जाता है। इन उपायों से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही यह उपाय घर में सुख-शांति और समृद्धि लाने में मदद करते हैं।
 
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