षट्‍कर्म अथवा शुद्धिकारक क्रियाएँ

शरीर को स्वस्थ्य और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त हो सकता है।ये क्रियाएँ हैं:- 1. 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली।
प्रकाशक : इंटरनेशनल योग सोसायटी



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