दिन भर बैठा मैं पछताया
Written By: WD
Updated: Tue, 14 Dec 2010 (12:28 IST)
सुबहा को लहजा सख़्त हुआ था बातों में,
दिन भर बैठा मैं पछताया रात हुई - अज़ीज़ अंसारी
दिन भर बैठा मैं पछताया रात हुई - अज़ीज़ अंसारी
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