तेनालीराम की कहानियां : जादुई कुएं

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'महाराज! मैं जानता था कि आप मेरी बात पर विश्वास नहीं करंगे इसलिए मैं कुछ गांव वालों को साथ साथ लाया हूं। वे सभी बाहर खड़े हैं। यदि आपको मुझ पर विश्वास नहीं है तो आप उन्हें दरबार में बुलाकर पूछ लीजिए। वे आपको सारी बात विस्तारपूर्वक बता दंगे।'

राजा ने बाहर खड़े गांव वालों को दरबार में बुलवाया। एक गांव वाला बोला, 'महाराज! गृहमंत्री द्वारा बनाए गए सभी कुएं समाप्त हो गए हैं, आप स्वयं देख सकते हैं।'

राजा ने उनकी बात मान ली और गृहमंत्री, तेनालीराम, कुछ दरबारियों तथा गांव वालों के साथ कुओं का निरीक्षण करने के लिए चल दिए। पूरे नगर का निरीक्षण करने के पश्चात उन्होंने पाया कि राजधानी के आस-पास के अन्य स्थानो तथा गांवों में कोई कुआं नहीं है।




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