सिंहासन बत्तीसी : तीसरी पुतली चंद्रकला की कहानी

Sinhasan Battisi Hindi Story
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तीसरे दिन जब वह सिंहासन पर बैठने को हुआ तो चंद्रकला नाम की तीसरी पुतली ने उसे रोककर कहा, 'हे राजन्! यह क्या करते हो? पहले विक्रमादित्य जैसे काम करों, तब सिंहासन पर बैठना!'

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तीसरी पुतली चन्द्रकला ने जो कथा सुनाई वह इस प्रकार है -
राजा ने पूछा, 'विक्रमादित्य ने कैसे काम किए थे?'



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