उप्र में पेश हुआ 'मायावी' बजट

लखनऊ| वार्ता| पुनः संशोधित मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011 (16:04 IST)
सरकार ने वर्ष 2011-12 के लिए 169416.38 करोड़ रुपए का चुनावी विधानसभा में पेश किया। अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों से पूर्व पेश इस बजट में सरकार ने अनुसूचित जाति तथा कमजोर तबकों का खास ध्यान रखा गया है।

वित्त मंत्री लालजी वर्मा द्वारा सदन में पेश किए गए बजट की कुल धनराशि पिछले साल के बजट से 10.6 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इस बजट में 3403.52 रुपए का घाटा होने के बावजूद किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है।

अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए आवंटित विशेष घटक योजना के तहत 9722 करोड़ रुपए दिए हैं। यह धनराशि पिछले वित्त वर्ष के लिए आवंटित रकम से 6.8 प्रतिशत अधिक है।
बजट में सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं के तहत समाज के विभिन्न कमजोर तबकों के कल्याण के लिए 10084 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है जो गत वित्तीय वर्ष के मुकाबले 15.8 प्रतिशत अधिक है।

महिला एवं बाल विकास की विभिन्न योजनाओं के लिए इस बार 4761 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष के मुकाबले 6.3 प्रतिशत ज्यादा है।
सदन में शांतिपूर्ण माहौल में रखे गए इस बजट में अगले वित्त वर्ष में 166012.86 करोड़ रुपए से ज्यादा की राजस्व प्राप्ति का अनुमान है।

सरकार ने महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2011-12 में 70 लाख परिवारों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए बजट में राज्यांश के रूप में 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था का प्रस्ताव है।
इसके अलावा स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत चार लाख 50 हजार पात्र लोगों के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। प्रदेश सरकार ने विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि के तहत बजट में 630 करोड़ रुपए के प्रावधान का प्रस्ताव किया है।

सरकार ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत कृषि क्षेत्र में 5.1 प्रतिशत की विकास दर प्राप्त करने का लक्ष्य तय करते हुए कृषि तथा सम्बद्ध कार्यो के लिए बजट में 4496 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। यह धनराशि पिछले वित्तीय वर्ष में आवंटित धनराशि की तुलना में 8.9 प्रतिशत ज्यादा है।
राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत 38 लाख 62 हजार पात्र किसानों के लिए 858 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई है।

वित्तमंत्री लालजी वर्मा ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार ने पेराई सत्र में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 13250 करोड़ रुपए का भुगतान किया है, जो पिछले सत्र के मुकाबले 6960 करोड़ रुपए अधिक है। इसकी वजह से गन्ना किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा हुआ है।
सरकार ने ग्राम्य विकास कार्यक्रमों के लिये वर्ष 2011-12 के बजट में 6133 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है।

प्रदेश के अति पिछड़े बुंदेलखण्ड क्षेत्र के लिये चलाई जाने वाली विशिष्ट योजनाओं के वास्ते बजट में 1200 करोड़ रुपए की अलग से व्यवस्था की गई है। यह राशि बुंदेलखण्ड विकास निधि के लिए की गई 109 करोड़ की व्यवस्था के अतिरिक्त है।
सरकार ने पूर्वाचल क्षेत्र के विकास की खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तुरंत ध्यान देने योग्य क्षेत्रों में विकास कार्यो के लिए अलग से 291 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है।
बजट में बेसिक शिक्षा के लिए 19086 करोड़, माध्यमिक शिक्षा के वास्ते 6846 करोड़ तथा उच्च शिक्षा के लिए 2146 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष के लिए आवंटित की गई कुल धनराशि से 19.6 प्रतिशत यानी 4608 करोड़ रुपए ज्यादा है।
सरकार ने इस साल शिक्षा के लिए 28078 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया है जबकि पिछले वर्ष यह धनराशि 23470 करोड़ थी।

आगामी वित्त वर्ष में असेवित बस्तियों में पाँच हजार नए प्राथमिक विद्यालय तथा 1500 नए उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले जाएँगे। साथ ही राज्य के विभिन्न स्कूलों में 50 हजार अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाएगा।
सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुल 46 हजार अध्यापकों के अतिरिक्त पदों की व्यवस्था का प्रस्ताव किया है। इनमें से 35 हजार अध्यापक प्राथमिक स्कूलों में जबकि शेष उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भर्ती करने की पेशकश की है।

सूचना, संचार एवं प्रौद्योगिकी योजना के तहत विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा और कम्प्यूटर सहायतित शिक्षा की मुफ्त व्यवस्था की गई है। इसके लिये बजट में 108 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
सरकार ने लखनऊ में उर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के भवन के निर्माण के लिए वर्ष 2011-12 के बजट में 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। (भाषा)



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