गाँधीजी का घर फ्रांस की कंपनी ने खरीदा

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की एक पर्यटन कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका के में स्थित महात्मा गाँधी के सौ साल पुराने को खरीद लिया है। समझा जाता है कि इसे इस मकान को खरीदने के लिए सभी बोली लगाने वालों को पीछे छोड़ते हुए कंपनी ने लगभग दोगुने दाम में खरीद लिया है।


इस मकान की बोली लगाने के लिए तीन लाख 77 हजार 29 डॉलर कीमत निर्धारित की गई थी। पेरिस स्टॉक एक्सचेंज की सूची में शामिल विशेषज्ञ पर्यटन कंपनी वोयागेउर्स दा मुंडे ने इस मकान को खरीदा है। कंपनी इसे गाँधी संग्रहालय के रूप में बदलने की योजना बना रही है। कंपनी विश्वस्तर पर ऐसी विरासतों में अपना धन निवेश करती है।

युवा अधिवक्ता मोहनदास करमचंद गाँधी ने इस घर में 1908 से 1910 तक दो साल का समय बिताया था। गाँधीजी के बहुत करीबी और वास्तुविद हरमान कैलेनबाश की देखरेख में इस घर को बनाया गया था।

इस घर को खरीदने के लिए कंपनी ने अन्य बोली लगाने वालों को पीछे छोड़ दिया। इसमें भारतीय और मलेशियाई कंपनियाँ भी शामिल थीं। भारत सरकार की 'नवरत्न कंपनी' भी इस संपत्ति के अधिग्रहण की इच्छुक थी। कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने दक्षिण अफ्रीका में राष्ट्रपिता का घर नहीं खरीद पाने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा-मामला राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ा है। सरकार ने इस ऐतिहासिक संपत्ति को खरीदने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।



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