'नापाक' बोल, हां.. हमने मारा कैप्टन सौरभ कालिया को...

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गुल ने कहा कि वह का‍रगिल युद्ध में काफी बहादुरी और जवांमर्दी के साथ लड़ा। उसने कहा कि ढाई-तीन महीने की इस जंग में 13 मई, 1999 को भारतीय सेना के छह बंदों (कैप्टन कालिया और उनके पांच साथी) ने हमारी पोस्ट की ओर एडवांस किया। वे रेकी के लिए आए थे और हमारी पोस्ट, जो कि सबसे ऊंची पोस्ट है, पर कब्जा करना चाहते थे।

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उसने आगे कहा कि कैप्टन कालिया और आगे बढ़े। हमने कैप्टन अली अख्तर को इसकी सूचना दी। उन्होंने कहा कि नजदीक आने दो। वे एलओसी क्रॉस कर चुके थे। हम उन्हें बंदी बनाना चाहते थे, मगर ऐसा नहीं हो सका। वे हमारी गोलीबारी में मारे गए। ... और मौजूद लोगों ने बेशर्मी से बजाईं तालियां...आगे पढ़ें...



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