फूल से कोमल नवजात शिशु

नवजात शिशु
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के पश्चात शिशु फूलों की पंखुड़ी के समान कोमल होता है, जिसे हाथ लगाने से भी हम डरते हैं कि कहीं उसे हमारे हाथों से कोई चोट ना पहुँच जाए। यह सही भी है क्योंकि नवजात शिशु की हड्डियाँ इतनी अधिक मजबूत नहीं होती है।

हल्का सा झटका या लगने पर उसमें क्रेक आ सकते हैं। इसीलिए हमारे बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि शिशु के के नीचे हाथ रखकर उसे उठाओ। नवजात शिशु को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है, जब तक कि वो एक साल का ना हो जाए।

* नवजा‍त शिशु का सिर बड़ा कोमल होता है। उनके सिर के बीचोंबीच हाथ लगाने पर हमें एक गड्ढ़े सा अहसास होता है, जिसका मतलब यह है कि शिशु के सिर के भीतर की हड्डियाँ पूरी तरह से जुड़ना बाकी है।

* नवजात शिशु की त्वचा पर लाल, नीले, हरे रंगों से निशान दिखाई देते हैं, जो कि नवजात शिशु की त्वचा के सामान्य लक्षणों के परिचायक है। अब धीरे-धीरे शिशु की त्वचा में भराव शुरू होगा।

* कुछ नवजात शिशुओं के नाखून जन्म से ही बड़े होते हैं तथा इनके पैर भी मुड़े होते हैं। यह सब बच्चे के सामान्य लक्षण हैं।

* जन्म के बाद कुछ शिशुओं की नजरे तिरछी होती है, जिसकों लेकर हम तरह-तरह की भ्रांतियाँ पाल लेते हैं। लेकिन इसमें चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि जन्म के शुरुआती महीनों में बच्चों की नजर का तिरछा होना एक सामान्य बात है।

* कई शिशुओं की नाक जन्म के बाद से ही चपटी सी नजर आती है परंतु बच्चे के विकास के साथ-साथ यह भी सामान्य होती जाती है।
गायत्री शर्मा|



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