अधिक नमक खाने से असमय बुढ़ापा

WD|
टेलोमेयर्स वे जैविक टोपियां (बायोलॉजिकल कैप्स) हैं जो क्रोमोसोम्ज के छोरों पर पाए जाते हैं और इनके डीएनए को किसी भी नुकसान से बचाते हैं। ठीक उसी तरह से जैसे कि तस्मों (शूलेसेज) के छोरों पर प्लास्टिक या कड़े मेटल की कवर इसको इधर उधर से घिसने से बचाती है और यह एक बना रहता है।


जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है, हमारे टेलोमेयर्स छोटे और अधिक छोटे होते चले जाते हैं। इस कारण से डीएनए क्षतिग्रस्त हो जाता है और उम्र से संबंधित बीमारियां जैसे अल्जाइमर्स, मधुमेह और हृदय रोग हमें घेरने लगती हैं। औसत के कम छोटे टेलोमेयर्स खराब स्वास्थ्य की निशानी समझी जाती है और हम समय पूर्व ही मौत का शिकार बन सकते हैं।



और भी पढ़ें :