गोविंदा का थप्पड़

समय ताम्रकर|
फिल्मीस्तान स्टूडियो में गोविंदा ‘मनी है तो हनी है’ की शूटिंग कर रहे थे। सेट पर सेलिना जेटली और हंसिका मोटवानी भी मौजूद थीं। यूनिट के सदस्यों के साथ सेट पर एक लड़का भी था, जो लोगों को परेशान कर रहा था।

वह सेलिना और हंसिका के नजदीक भी जाने की कोशिश कर रहा था और फिल्मी कलाकारों की कुर्सियाँ खींच रहा था और कुर्सियों पर लगातार लात मार रहा था। उसके खराब व्यवहार को देख गोविंदा के अंदर का हीरो जाग खड़ा हुआ।

गोविंदा उस लड़के के पास गए और उससे पूछा कि क्या वह मीडिया की ओर से आया है या यूनिट का सदस्य है। लड़के ने कहा कि वह तो शूटिंग देखने आया है। यह सुनकर गोविंदा ने उसे एक जोरदार थप्पड़ जमा दिया।
गोविंदा के मुताबिक बदतमीजी सहन करने की भी एक हद होती है और जब यह सहनशक्ति से बाहर हो गई तो उसे थप्पड़ जमाना जरूरी हो गया था। गोविंदा को यह भी अंदेशा है कि हो सकता है कि यह विरोधी पार्टी की साजिश हो।

गोविंदा का उनके संसदीय क्षेत्र में काफी विरोध हो रहा है। उनके संसदीय क्षेत्र में कुछ लोगों ने उस व्यक्ति को एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की है जो गोविंदा को वापस लेकर आएगा।
गोविंदा का कहना है कि वे अपना राजनीतिक कर्त्तव्य पूरी तरह निभा रहे हैं और इस तरह की हरकतों से दु:खी हैं। वे अगला चुनाव लड़ना शायद ही पसंद करें।



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