'बॉबी' से मुलाकात का 'नरगिसी' अंदाज

Bobby
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की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म 'मेरा नाम जोकर' का बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होना एक तरह से स्वयं उनके तथा साथ ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी युगांतकारी घटना बन गई। 'जोकर' के आघात से उबरने के लिए उन्होंने अपनी लीक से एकदम हटकर 'बॉबी' बना डाली, जिसने एक साथ बॉलीवुड में कई परिपाटियों की शुरुआत की।

'बॉबी' ने पर्दे पर टीनएज लव स्टोरी की नींव डाली और यह परंपरा आज तक कायम है। साथ ही इसने हीरोइन के कपड़ों के छोटेपन के मामले में भी नई लीक स्थापित की, जो आज बदस्तूर आगे बढ़ रही है। हीरोइन का हीरो को अपना परिचय देने के लिए कहा गया डायलॉग 'आई एम बॉबी। मुझसे दोस्ती करोगे...?' आज भी 'मुझसे दोस्ती करोगे?' और 'मुझसे फ्रैंडशिप करोगे?' जैसी फिल्मों के टाइटल के रूप में आदरांजलि प्राप्त कर रहा है।

धर्म और सामाजिक-आर्थिक स्तर की दीवारों पर विजय पाते प्रेम की कथा 'बॉबी' ने लोकप्रियता और कमाई के रेकॉर्ड तोड़ डाले। यूँ तो इस फिल्म में कई यादगार सीन थे मगर एक सीन का जिक्र किए बिना 'बॉबी' की बात करना संभव नहीं।

राज (ऋषि कपूर) ने अपनी पार्टी में पहली बार बॉबी (डिम्पल) की झलक देखी है और पहली ही नजर में उससे प्यार कर बैठा है। वह कौन है, यह जानने से पहले ही बॉबी राज की नजरों से ओझल हो जाती है। इत्तेफाक देखिए कि जब राज अपने बचपन की प्यारी गवर्नेस मिसेस ब्रिगेंजा (दुर्गा खोटे) से मिलने उनके घर जाता है, जो दरवाजा खोलती है वही बॉबी, जो मिसेस ब्रिगेंजा की ही पोती है।
आटे से सने हाथ लेकर सीधे किचन से आई बॉबी को सामने देख राज हतप्रभ रह जाता है और बॉबी अपने माथे पर गिर आए बालों को वही आटे से सने हाथ से पीछे करती है और आटा उसके बालों में लग जाता है।

कहते हैं कि रील लाइफ का यह दृश्य लगभग हूबहू रियल लाइफ के उस दृश्य का प्रस्तुतिकरण है जब युवा राज कपूर की पहली मुलाकात नरगिस से हुई थी। निर्माता-निर्देशक के रूप में अपनी पहली फिल्म 'आग' बना रहे राज कपूर किसी सिलसिले में अभिनेत्री, गायिका, निर्देशक जद्दनबाई से मिलना चाहते थे। जब उन्होंने जद्दनबाई के दरवाजे पर दस्तक दी, तो घर पर जद्दनबाई की बेटी नरगिस पकौड़े तल रही थी। बेसन से सने हाथ लेकर उन्होंने दरवाजा खोला और अपने सामने नीली आँखों वाले सुदर्शन नौजवान को देखकर हड़बड़ाकर उन्होंने उसी बेसन सने हाथ से अपने माथे पर गिरे बालों को पीछे हटाया।
नतीजा, उनका माथा और बाल बेसन से 'श्रृंगारित' हो गए। यह दृश्य राज कपूर के मस्तिष्क में अंकित हो गया। उन्होंने 'आग' में विशेष तौर पर नरगिस के लिए रोल शामिल कराया और इसके बाद नरगिस उनकी फिल्मों का स्थायी हिस्सा बन गईं। यही नहीं, बरसों बाद जब उन्होंने 'बॉबी' बनाई, तो नरगिस से अपनी पहली मुलाकात को डिम्पल और ऋषि के माध्यम से पुनर्जीवित किया।

- विकास राजावत




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