नई और पुरानी जंजीर में फर्क है : प्रियंका चोपड़ा

प्रियंका चोपड़ा
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पुरानी ‘जंजीर’ की माला से नई ‘जंजीर’ की माला कितनी अलग है?
सिर्फ दोनों का नाम ही माला है। इस बार माला ‘चक्कू छुरी तेज करा ले...’ वाली नहीं है। न ही इस तरह का गाना है। नई माला एनआरआई है। न्यूयॉर्क से मुंबई एक शादी में आती है और एक हत्या की चश्मदीद गवाह बन जाती है। इस कैरेक्टर को निभाने में बहुत मजा आया। फिल्म का रिमेक जरूर है, लेकिन दोनों में फर्क है। यह अपूर्व लाखिया के नजरिये से बनाई गई है।

पुरानी जंजीर से कोई याद जुड़ी है?
नहीं। छ: साल पहले टीवी पर मैंने यह फिल्म देखी थी। फिल्म पसंद आई थी। उस वक्त मैंने सोचा भी नहीं था कि इस फिल्म का रीमेक बनेगा और मैं उसका हिस्सा बनूंगी।

अपूर्व लाखिया के बारे में क्या कहना चाहेंगी?
बहुत ही व्यवलस्थित निर्देशक हैं। उन्हें पता रहता है कि कितनी शूटिंग करनी है और कैसे करनी है।

राम चरण के बारे में कुछ बताना चाहेंगी?
समय ताम्रकर|

प्रियंका चोपड़ा की ‘जंजीर’ ऐसी तीसरी फिल्म है जो अमिताभ बच्चन की फिल्मों का रिमेक है और जिसमें प्रियंका है। इसके पहले वे अग्निपथ और डॉन के रिमेक में नजर आई हैं। पेश है प्रियंका से बातचीत...

वे बहुत बड़े स्टार हैं। जब हम हैदराबाद में शूटिंग कर रहे थे तो इतनी भीड़ जमा हो गई थी कि हमें पुलिस की मदद लेनी पड़ी थी। मुंबई में भी शूटिंग के दौरान काफी तेलुगु भाषी लोग इकट्ठा हो गए थे। वे मेहनती और अच्छे कलाकार हैं। मैं चाहती हूं कि वे ज्यादा से ज्यादा हिंदी फिल्मों में भी नजर आएं।



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