सितारों को सताती भविष्य की चिंता

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- चंद्रकांत शिंदे

आज के सितारे अन्य व्यवसायों में निवेश को लेकर खूब सजग हो गए हैं। आर्थिक भविष्य के प्रति इस जागरूकता ने इतना तो तय कर ही दिया है कि इन्हें भगवान दादा या उनके जैसे अन्य कलाकारों की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा जो अपने अंतिम दिनों में कंगाल हो गए थे।

बॉलीवुड ऐसे अनेक सितारों का गवाह है जो कभी सफलता और ऐश्वर्य के शिखर से फिसल कर गुमनामी और फाकाकशी के गर्त में डूब गए। भगवान दादा का ही उदाहरण लें। 'अलबेला' से जबर्दस्त सफलता का स्वाद चखने वाले भगवान दादा बोरियों में पैसे घर ले जाते थे। उनके बंगले की अलमारियाँ नोटों से भरी रहतीं। हालाँकि एक समय आया कि दो वक्त की रोटी के लिए उन्हें फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार निभाने पड़े और मौत हुई तो दोस्तों की दया से उनका अंतिम संस्कार हुआ।

शायद यही वजह है कि आज के बॉलीवुड सितारे फिल्मों से मिले धन को अन्य व्यवसायों में निवेश को लेकर खूब सजग हो गए हैं, हालाँकि कुछ कलाकार इस निवेश की वजह से खूब फायदे में रहे हैं तो कुछ को इसे समेटना पड़ा है। बावजूद, आर्थिक भविष्य के प्रति इस जागरूकता ने इतना तो तय कर ही दिया है कि आज के कलाकारों को भगवान दादा या उनके जैसे अन्य कलाकारों की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ने भी फिल्म निर्माण के साथ अब आईपीएल में उतरना शायद इसलिए मुनासिब समझा है क्योंकि आईपीएल की फ्रेंचाइजी से अच्छा पैसा आ रहा है। इससे पहले शाहरुख खान ने जूही चावला के साथ मिल कर कोलकाता नाइट राइडर्स तो प्रिटी जिंटा ने पंजाब किंग्स इलेवन और शिल्पा शेट्टी ने राजस्थान रॉयल्स टीम में अपनी मिल्कियत बना ही रखी है।
अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी अपने साथी राज कुंदरा की वजह से व्यवसाय में कदम रखा है। पहले तो उन्होंने खुद के नाम का एस2 परफ्यूम बाजार में उतारा, फिर योगा की डीवीडी बाजार में उतारी। मुंबई में ओएसिस नाम का स्पा शुरू करने के बाद अब वह दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और चंडीगढ़ में स्पा की चेन खोलने वाली हैं। हाल ही में शिल्पा और राज ने लंदन में खानपान के क्षेत्र में मशहूर वी8 गोरमिट समूह में 33 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी है। शिल्पा इस समूह की शाखाएँ भारत में शुरू करना चाहती हैं।
अभिनेता बनने के बावजूद सुनील को अपना पुराना व्यवसाय याद है। उन्होंने अपनी होटल की चेन आगे बढ़ाई। चर्नी रोड पर अपने होटल की बाबत सुनील बताते हैं कि मेरा मुख्य व्यवसाय तो होटल ही है। मैं पिता के इस कारोबार को और सफल बनाना चाहता हूँ। सुनील ने इसके साथ ही गारमेंट व्यवसाय में भी कदम रखा है। मिसचीफ नाम से उन्होंने कपड़ों के दुकानों की चेन शुरू कर रखी है। साथ ही फिल्म निर्माण में कदम रखने के लिए पॉपकार्न एंटरटेनमेंट कंपनी की स्थापना की।
अभिनेता जीतेंद्र का भी फिल्मों में आने के पहले ज्लेवरी का व्यवसाय था जो उन्होंने जारी रखा। जीतेंद्र फिल्मों के लिए इमिटेशन ज्वेलरी पहुँचाया करते थे। एक दिन वी. शांताराम ने उन्हें राजकमल स्टूडियो में देखा और संध्या के डुप्लीकेट के रूप में मौका दिया और उसके बाद जीतेंद्र फिल्मों में सक्रिय हो गए। जीतेंद्र आज भी अपने पुराने व्यवसाय को नहीं भूले हैं। वह कहते हैं, 'इमिटेशन ज्वेलरी का हमारा पुराना व्यवसाय है और इसी से हम आगे बढ़े हैं। इसे हम कैसे भूल सकते हैं।'



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