Hanuman Chalisa

पुष्पांजलि योग मुद्रा

Updated: बुधवार, 20 मई 2026 (18:23 IST)
जैसा कि इसका नाम है पुष्पांजलि इसी से यह सिद्ध होता है कि यह मुद्रा किस प्रकार की होगी। यह महत्वपूर्ण हस्त योग मुद्रा है। जैसे दुआ में हाथ उठाते हैं या पुष्प अर्पण करते हैं तब यह मुद्रा बनती है।
 
मुद्रा की विध : पहले कपोत मुद्रा में आ जाएं अर्थात दोनों हाथों की अंगुलियों और अंगूठे को आपस में मिला मणिबद्ध को भी मिला लें। फिर दोनों हाथों की छोटी अंगुलियों को एक साथ मिलाकर ऐसी आकृति बना लें कि जैसे हम किसी भगवान को फूल चढ़ाते समय बनाते हैं इसे ही पुष्पांजलि मुद्रा कहते हैं।
 
इसका लाभ : पुष्पांजली मुद्रा के निरंतर अभ्यास से नींद अच्छी तरह से आने लगती है। आत्मविश्वास बढ़ता है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

कविता- तू ना हो तो...

भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?

लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

Azad Jayanti 2026: जयंती विशेष: चन्द्रशेखर आजाद के जीवन की ऐसी घटनाएं, जिन्हें हर युवा को जानना चाहिए

ब्रिटिश सरकार न सरस्वती प्रतिमा वापस करेगी, न कोहिनूर हीरा

अगला लेख